मध्यप्रदेश के किसानों के लिए खेती को ज्यादा उन्नत, सरल और कम खर्चीला बनाने की दिशा में ये एक अहम पहल मानी जा रही है। बदलते समय के साथ खेती में आधुनिक मशीनों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है, ताकि मेहनत कम हो और उत्पादन बेहतर हो सके। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को नई तकनीक से जोड़ने का निर्णय लिया है। सीडर, सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर जैसी आधुनिक कृषि मशीनें अब किसानों के लिए पहले से ज्यादा सुलभ होने जा रही हैं। सरकार की इस योजना का मकसद परंपरागत खेती के तरीकों को आधुनिक रूप देना और किसानों की लागत को कम करना है। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसानों को किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनी रहे। यह योजना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि खेती को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
आधुनिक कृषि मशीनों पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी मशीन की कीमत के आधार पर तय की जाती है। आमतौर पर किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, हैप्पी सीडर मशीन की कीमत करीब 2.60 लाख से 2.85 लाख रुपये तक होती है, जिस पर लगभग 1.05 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसी तरह सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर पर भी समान अनुपात में अनुदान दिया जाएगा।
किन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
इस योजना में छोटे, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। किसान पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर की मदद से अपने यंत्र पर मिलने वाली अनुमानित सब्सिडी की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन के समय डिमांड ड्राफ्ट जरूरी
ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को 4,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य होगा। यह डीडी किसान के स्वयं के बैंक खाते से बना होना चाहिए और नामांकन जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम से होना जरूरी है। तय राशि से कम या ज्यादा डीडी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय आधार कार्ड, मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन के लिए), बैंक पासबुक का पहला पेज, खसरा-खतौनी या बी-1 की नकल, ट्रैक्टर आरसी (यदि ट्रैक्टर आधारित यंत्र है) और 4,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अपलोड करना होगा।
चयन प्रक्रिया और जरूरी जानकारी
आवेदन मिलने के बाद किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। चयन के परिणाम पोर्टल पर ही घोषित होंगे। किसान एमपी किसान ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। किसी भी तरह की सहायता के लिए अपने जिले के कृषि विभाग या सहायक कृषि यंत्री से संपर्क करना बेहतर रहेगा।