रबी सीजन में बढ़ा कीट हमला, यह उपाय न किया तो भारी नुकसान तय

रबी सीजन में हेलिकोवर्पा आर्मीगेरा यानी फल छेदक इल्ली किसानों के लिए गंभीर समस्या बनती है। यह कीट 120 से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचाता है। इसकी पहचान और समय पर नियंत्रण जरूरी है। HANPV वायरस, फेरोमोन ट्रैप और नीम तेल जैसे सस्ते देसी उपाय अपनाकर फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 12:23 PM
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fruit borer pest: मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए अजोला को बेहद उपयोगी माना जाता है

अक्सर बड़े फाइव स्टार रेस्टोरेंट्स के सलाद में दिखने वाली गहरे बैंगनी रंग की पत्तागोभी न सिर्फ देखने में आकर्षक होती है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसकी लोकप्रियता इसी बात से समझी जा सकती है कि शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण जैसे बॉलीवुड सितारे भी इसे अपने सलाद में पसंद करते हैं। बाजार में इसकी मांग काफी ज्यादा है और एक पत्तागोभी की कीमत ₹100 से ₹150 तक पहुंच जाती है। अब यह विदेशी सब्जी झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजभवन में भी सफलतापूर्वक उगाई जा रही है, जो लोगों के बीच खास आकर्षण बन गई है।

पोषक तत्वों से भरपूर सुपरफूड

राजभवन के कृषि विशेषज्ञ निलेश बताते हैं कि पर्पल पत्तागोभी को तैयार होने में करीब 6 महीने की मेहनत लगती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके पोषक तत्व हैं। सामान्य पत्तागोभी की तुलना में इसमें विटामिन ए, बी और सी के साथ-साथ जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे डाइट में शामिल करने से शरीर को जरूरी ऊर्जा मिलती है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक भी नजर आती है। हेल्थ को लेकर सजग लोगों के लिए यह किसी सुपरफूड से कम नहीं है।


घर पर ऐसे करें पर्पल पत्तागोभी की खेती

अगर आप भी इस कीमती सब्जी की खेती करना चाहते हैं, तो विशेषज्ञ इसे जैविक तरीके से उगाने की सलाह देते हैं। ऑर्गेनिक खेती ज्यादा फायदेमंद होने के साथ मुनाफे का सौदा भी है। सिर्फ आधा डिसमिल जमीन में आप 30 से 40 पर्पल पत्तागोभी आसानी से उगा सकते हैं।

मिट्टी की तैयारी है सबसे अहम

खेती शुरू करने से पहले मिट्टी को सही तरीके से तैयार करना जरूरी है। इसके लिए गोबर की खाद, केंचुआ खाद और गोमूत्र का संतुलित मिश्रण बनाएं। मिट्टी का पीएच लेवल संतुलित रखने के लिए इसमें हल्की मात्रा में चूना छिड़कना फायदेमंद रहता है। क्यारी बनाकर बीज बोने के बाद जब पौधे निकलने लगें, तो उनकी खास देखभाल करनी चाहिए।

कीटों से बचाव के आसान उपाय

पौधों के बढ़ने के दौरान खरपतवार और कीड़े-मकोड़ों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई जरूरी होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 15 दिन में एक बार पौधों की जड़ों के पास नीम के तेल का इस्तेमाल करें, इससे कीट दूर रहते हैं और पौधे स्वस्थ बने रहते हैं।

अजोला से बढ़ेगी मिट्टी की ताकत

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए अजोला को बेहद उपयोगी माना जाता है, जिसे ‘मिट्टी का दोस्त’ भी कहा जाता है। महीने में एक बार सीमित मात्रा में अजोला डालने से पौधों को अच्छी मजबूती मिलती है। हालांकि, अधिक मात्रा में अजोला डालने से मिट्टी गल सकती है और फसल खराब होने का खतरा रहता है।

सेहत के साथ कमाई का मौका

इन छोटी लेकिन जरूरी सावधानियों को अपनाकर आप अपने घर के बगीचे या छोटे खेत में पर्पल पत्तागोभी उगा सकते हैं। इससे न सिर्फ आपको पौष्टिक और ताजी सब्जी मिलेगी, बल्कि चाहें तो इसे बेचकर अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं।

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