Purple Cabbage: सेलिब्रिटीज की फेवरेट पर्पल पत्तागोभी, जानें घर पर उगाने का आसान तरीका

Purple Cabbage: बैंगनी यानी पर्पल पत्तागोभी सलाद को खास और लग्ज़री लुक देती है। अमीर वर्ग और सेलिब्रिटीज की पसंद मानी जाने वाली यह सब्जी फाइव स्टार होटलों में खूब इस्तेमाल होती है। विटामिन और ओमेगा से भरपूर पर्पल पत्तागोभी आप चाहें तो घर पर भी आसानी से उगा सकते हैं। इसके लिए सही तरीका जानना जरूरी है

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 11:26 AM
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purple cabbage cultivation: मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए अजोला को ‘मिट्टी का दोस्त’ माना जाता है।

अक्सर बड़े-बड़े फाइव स्टार होटलों के सलाद में नजर आने वाली गहरे बैंगनी रंग की पत्तागोभी अब सिर्फ लग्जरी तक सीमित नहीं रही। देखने में बेहद आकर्षक और स्वाद में खास यह पत्तागोभी सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण जैसे बॉलीवुड सितारे भी इसके सलाद के शौकीन बताए जाते हैं। बाजार में इसकी कीमत ₹100 से ₹150 प्रति पीस तक रहती है, इसलिए यह सब्जी काफी महंगी मानी जाती है। अब यही विदेशी पत्तागोभी झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजभवन में सफलतापूर्वक उगाई जा रही है, जो लोगों के लिए खास आकर्षण बन गई है।

पोषण का पावरहाउस है पर्पल पत्तागोभी

राजभवन के कृषि विशेषज्ञ निलेश बताते हैं कि इस पत्तागोभी को तैयार होने में करीब 6 महीने की मेहनत लगती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके पोषक तत्व हैं। सामान्य हरी पत्तागोभी की तुलना में इसमें विटामिन ए, बी और सी के साथ जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा जैसे जरूरी तत्व कहीं ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। इसे डाइट में शामिल करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है और त्वचा पर नेचुरल ग्लो भी आता है। यही वजह है कि हेल्थ कॉन्शियस लोगों के बीच इसे सुपरफूड माना जा रहा है।


घर पर ऐसे उगाएं कीमती सब्जी

अगर आप भी इसकी खेती करना चाहते हैं, तो विशेषज्ञ जैविक तरीके से खेती करने की सलाह देते हैं। ऑर्गेनिक तरीके से उगाई गई पत्तागोभी न सिर्फ सेहत के लिए बेहतर होती है, बल्कि मुनाफे का सौदा भी साबित होती है। महज आधा डिसमिल जमीन में आप 30 से 40 पर्पल पत्तागोभी आसानी से तैयार कर सकते हैं।

मिट्टी की सही तैयारी है सबसे जरूरी

खेती शुरू करने से पहले मिट्टी की तैयारी बेहद अहम है। इसके लिए गोबर की खाद, केंचुआ खाद और गोमूत्र को सही अनुपात में मिलाकर मिट्टी तैयार करें। मिट्टी का पीएच लेवल संतुलित रखने के लिए इसमें हल्की मात्रा में चूना डालना फायदेमंद रहता है। क्यारी बनाकर बीज रोपने के बाद जब पौधे निकलने लगें, तब उनकी नियमित देखभाल जरूरी हो जाती है।

कीटों से बचाव और पौधों की देखरेख

पौधों के बढ़ने के दौरान खरपतवार और कीड़े-मकोड़ों का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई करना जरूरी है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हर 15 दिन में एक बार पौधों की जड़ों के पास नीम का तेल डालें, इससे कीट दूर रहते हैं और पौधे स्वस्थ बने रहते हैं।

अजोला से बढ़ेगी मिट्टी की ताकत

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए अजोला को ‘मिट्टी का दोस्त’ माना जाता है। महीने में एक बार सीमित मात्रा में अजोला डालने से पौधों को जबरदस्त पोषण मिलता है। हालांकि, इसकी मात्रा का खास ध्यान रखें, क्योंकि ज्यादा अजोला डालने से मिट्टी खराब हो सकती है और फसल को नुकसान पहुंच सकता है।

सेहत भी, मुनाफा भी

इन छोटी लेकिन जरूरी सावधानियों के साथ आप अपने घर के गार्डन या छोटे से खेत में पर्पल पत्तागोभी की खेती कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपको ताजी और पौष्टिक सब्जी मिलेगी, बल्कि चाहें तो बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं।

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