गन्ना किसानों की सबसे पसंदीदा नकदी फसल में से एक है, लेकिन इसकी अच्छी पैदावार और मुनाफा सीधे बीज के सही चयन और मात्रा पर निर्भर करता है। किसान भाइयों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गन्ने का बीज किस मात्रा में बोना चाहिए। यदि खेत में एक आंख वाला गन्ना बोया जाता है, तो करीब 10 क्विंटल प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता होती है। वहीं, दो आंख वाला गन्ना लगाने पर लगभग 20 क्विंटल प्रति एकड़ बीज लगाना पड़ता है। बीज की मात्रा का सही चयन न केवल अंकुरण को बेहतर बनाता है बल्कि पौधों की संख्या और अंततः उत्पादन को भी बढ़ाता है।
गलत मात्रा में बीज बोने से अंकुरण कमजोर होता है, पौधों की संख्या कम हो जाती है और पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे बीज की मात्रा और प्रकार के प्रति सतर्क रहें और खेत की तैयारी इसी अनुसार करें।
खरगोन में गन्ना की बढ़ती लोकप्रियता
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में गन्ना धीरे-धीरे किसानों की पसंदीदा नकदी फसल बनता जा रहा है। जिले के नर्मदा पट्टी क्षेत्र में कई किसान गन्ना की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। फिलहाल किसान बसंतकालीन और शरदकालीन फसल के लिए खेत तैयार कर रहे हैं।
बीज चयन में गलती से हो सकता है नुकसान
कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि गन्ना बोते समय सही बीज का चयन बेहद जरूरी है। गलत या रोगग्रस्त बीज की बुआई से अंकुरण कमजोर होता है, पौधों की संख्या कम होती है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। यही कारण है कि बीज चयन को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डॉ. राजीव सिंह के अनुसार, बीज के लिए स्वस्थ और 9–10 महीने पुराना गन्ना सबसे उपयुक्त होता है। इसमें अंकुरण क्षमता बेहतर होती है और पौधों की संख्या अच्छी रहती है। वहीं, 11–12 महीने पुराना गन्ना लेने पर अंकुरण की संभावना कम हो जाती है। लाल निशान, सड़न या रोग वाले गन्ने को बीज के रूप में बिल्कुल न लें।
गन्ना की खेती क्यों है लाभकारी
खरगोन में गन्ने की मांग गुड़, चीनी और बायो-ईंधन उद्योग में लगातार बनी रहती है। शुगर मिल होने की वजह से किसानों को गन्ना बेचने में आसानी होती है। यही कारण है कि गन्ना, गेहूं और चना जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभकारी साबित हो रही है।