Guru Nakshatra Pada Gochar 2026: देवताओं के गुरु बृहस्पति को ज्योतिष में संपन्नता, प्रतिष्ठा और उच्च पद का कारक माना जाता है। इस ग्रह के गोचर से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं और देश-दुनिया की घटनाओं पर भी असर पड़ता है। इस ग्रह ने अपने नक्षत्र पुनर्वसु नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश किया है, जिसे ज्योतिष के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बृहस्पति के इस गोचर से 4 राशियों को लाभ ही लाभ होगा। आइए जानें देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर के बारे में
14 मई तक गुरु रहेंगे पुनर्वसु नक्षत्र में
देवगुरु बृहस्पति ने मिथुन राशि में पुनर्वसु नक्षत्र के द्वितीय चरण (पाद) में 20 अप्रैल 2026, सोमवार को शाम 04:43 बजे गोचर किया है। इस पद के स्वामी शुक्र और राशि मिथुन है, जिससे शुक्र और बुध दोनों का प्रभाव रहेगा। यह गोचर मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशियों के लिए विशेष रूप से धन, सम्मान और सफलता के योग बना रहा है। बृहस्पति पुनर्वसु के द्वितीय चरण में 14 मई तक रहेंगे।
मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर काफी सकारात्मक और बदलाव लेकर आने वाला साबित हो सकता है। करियर में नई दिशा मिलेगी, जिससे भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय ले पाएंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए बदलाव के योग हैं। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं, पुराना कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी।
तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर शुभ फल देने वाला रहेगा। इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यक्तित्व में आकर्षण आएगा, जिससे लोग आपकी ओर प्रभावित होंगे। सामाज में सम्मान बढ़ेगा और आपकी छवि मजबूत होगी। करियर में नए अवसर मिलेंगे जो प्रगति में सहायक होंगे।
धनु राशि : धनु राशि के लिए यह गोचर बेहद शुभ और फलदायी साबित हो सकता है। बिजनेस में तेजी से तरक्की देखने को मिलेगी और लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। यदि आप विस्तार की योजना बना रहे हैं तो यह समय आपके पक्ष में रहेगा। इस दौरान आपका आत्मविश्वास काफी मजबूत रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें