Guru Pushya Yoga 2026: ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं, बृहस्पति को देवताओं का गुरु और जातक की कुंडली में सुख, संतान और विद्या का कारक माना जाता है। देव गुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में गोचर बहुत पुण्य और प्रभावशाली माना जाता है। इसे गुरु पुष्य नक्षत्र योग, गुरु पुष्य अमृत योग अथवा गुरुपुष्यामृत योग के नाम से भी जाना जाता है। यह योग सभी योगों में बेहद शुभ और फलदायी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस गोचर से धनु, कर्क और कन्या राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह नक्षत्र परिवर्तन इन राशियों के जातकों की आर्थिक स्थिति, करियर और सुख-समृद्धि के लिए शुभ संदेश लेकर आएगा।
