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Jupiter Retrograde 2025: गुरु की उलटी चाल लगाएगी इन राशियों के जीवन में भूचाल, जानें कब से वक्री हो रहे हैं बृहस्पति ग्रह

Jupiter Retrograde 2025: देव गुरु बृहस्पति नवंबर में अपनी चाल बदलेंगे। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल को भी बहुत अहमियत दी जाती है। ग्रहों की वक्री या सीधी चाल से सभी 12 राशियों प्रभावित होती हैं। यह किसी के लिए बहुत लाभकारी होता है, तो किसी के लिए नुकसान का कारण बनता है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 03, 2025 पर 6:28 PM
Jupiter Retrograde 2025: गुरु की उलटी चाल लगाएगी इन राशियों के जीवन में भूचाल, जानें कब से वक्री हो रहे हैं बृहस्पति ग्रह

Jupiter Retrograde 2025: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन हो या उनकी चाल में बदलाव, हर घटना का बहुत महत्व है। ये सभी घटनाएं 12 राशियों के जीवन को सीधे-सीधे प्रभावित करती हैं। नवंबर की 11 तारीख ज्योतिष शास्त्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी। इस दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति ग्रह की चाल बदल जाएगी। यह ग्रह ज्ञान, धर्म, धन, संतान, विवाह और समृद्धि के प्रतीक हैं। धनु और मीन राशि के स्वामी होने के साथ ही यह कर्क राशि में उच्च के होते हैं। उच्च के बृहस्पति अपनी पूरी शक्ति से फल देते हैं। जबकि, वक्री बृहस्पति निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर करता है और जीवन में आंतरिक तनाव बढ़ाता है।

11 नवंबर को इस समय होंगे वक्री

बृहस्पति ग्रह मंगलवार, 11 नवंबर 2025 की रात 10:11 बजे कर्क राशि में वक्री हो जाएंगे। यह वक्री अवस्था 5 दिसंबर 2025 तक चलेगी, यानी पूरे 24 दिन तक कर्क में ही रहेंगे। उसके बाद यह मिथुन राशि में मार्गी होते हुए वापस आ जाएंगे। कर्क जल तत्व की राशि है और चंद्रमा इसके स्वामी हैं। इसलिए यह परिवर्तन भावनाओं, परिवार, मां और घरेलू सुख पर गहरा असर डालेगा। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह गोचर अच्छा नहीं रहेगा।

मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए बृहस्पति चौथे भाव में वक्री हो रहे हैं। चौथा भाव मां, घर, सुख और संपत्ति का होता है। उच्च के बृहस्पति वक्री होने पर मां के स्वास्थ्य में गंभीर समस्या आ सकती है। घर में कलह बढ़ेगा, वाहन खराब हो सकता है या दुर्घटना का योग बनेगा। वक्री बृहस्पति से इस राशि के जातकों को भावनात्मक और वित्तीय दोनों स्तर पर 35 से 40% तक नुकसान संभव है।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए बृहस्पति लग्न में वक्री हो रहे हैं। स्वराशि में उच्च के बृहस्पति के वक्री होने पर जातक अति आत्मविश्वास का शिकार होंगे और गलत फैसलों के कारण नुकसान कराएंगे। इन्हें मानसिक तनाव, डिप्रेशन और पाचन तंत्र की बीमारी हो सकती है। जीवनसाथी से गलतफहमी बढ़ेगी। आत्मसम्मान को ठेस लगेगी।

तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए दसवें भाव गुरु की चाल वक्री हो रही है। इनका दसवां भाव करियर, पिता और सम्मान का होता है। इसके प्रभाव से तबादला, बॉस से अनबन या व्यवसाय में बड़ा नुकसान और पिता से वैचारिक मतभेद हो सकता है। धन हानि होगी क्योंकि पांचवीं दृष्टि दूसरे भाव पर पड़ेगी। कानूनी मामले उलझ सकते हैं।

मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए बृहस्पति सातवें भाव में वक्री होंगे। सातवां भाव विवाह, साझेदारी और व्यापार का होता है। जीवनसाथी से गंभीर मतभेद, विश्वासघात या अलगाव का खतरा रहेगा। व्यापारिक साझेदारी टूट सकती है। लाभ की उम्मीदें टूटेंगी क्योंकि पांचवीं दृष्टि ग्यारहवें भाव पर पड़ेगी।

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