Ketu Nakshatra Parivartan: ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन समय-समय पर होता रहता है। लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों के स्थान बदलने से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं। कुछ राशियों के लिए जहां ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन शुभ समाचार लेकर आता है, तो कुछ राशियों के लिए आने वाली मुश्किलों का संदेश होता है। यह गोचर अगर छाया ग्रह केतु का हो, तो ज्योतिष शास्त्र को मानने वाले लोगों में सर्तकता बढ़ जाती है। केतु एक छाया ग्रह है और इसके प्रभाव से जातक के जीवन में भ्रम, अचानक होने वाली घटनाएं और शारीरिक कष्ट होता है। ये ग्रह अपने खुद के नक्षत्र में गोचर करने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह अपने ही नक्षत्र में गोचर करता है तो उसका अत्यंत शुभ फल कुछ राशि के जातक पर देखने को मिलता है।
29 मार्च को होगा केतु का नक्षत्र परिवर्तन
हिंदू पंचांग के अनुसार 29 मार्च को छाया ग्रह केतु अपने स्वयं के नक्षत्र मघा में प्रवेश करेंगे। अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने लोकल 18 को बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केतु का यह गोचर तीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा। उनके करियर में संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। व्यापार में अचानक धन का लाभ होगा। आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। ये राशियां मेष, सिंह और धनु हैं।
मेष राशि : मेष राशि के जातक के लिए केतु का नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ संकेत दे रहा है। पुराने निवेशकों से मुनाफा मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति का संकेत मिल रहा है। अगर आप विदेश में कैरियर बनाना चाहते हैं तो आपकी यह इच्छा पूरी होगी और घर परिवार में खुशहाली बनी रहेगी।
सिंह राशि : इस राशि के जातक के लिए केतु का यह गोचर सुख और समृद्धि का संकेत दे रहा है। आर्थिक दृष्टि से यह समय बेहद शुभ रहेगा। सीनियर का साथ मिलेगा, करियर में उन्नति होगी, इच्छा पूरी होगी और घर परिवार में खुशहाली रहेगी। आपके किसी पुराने निवेश में मुनाफा भी मिल सकता है।
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