Mangal Neech Bhang Rajyog: ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है। यह ग्रह 18 सितंबर को शाम 4.44 बजे कर्क राशि में प्रवेश करने वाला है। कर्क राशि में मंगल नीच के होते हैं, यानी कम प्रभावशाली होते हैं। लेकिन इस राशि में गुरु पहले से विराजमान हैं और यह उनकी स्वराशि है और इसमें वह उच्च के होते हैं। इस राशि में 18 सितंबर को मंगल और गुरु की युति बनेगी। साथ ही, अपनी नीच राशि में पहुंचते ही मंगल नीचभंग राजयोग का निर्माण करेंगे। ज्योतिषशास्त्र में यह एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली स्थिति मानी जाती है। जब कुंडली में मंगल अपनी नीच राशि (कर्क राशि) में स्थित हो, लेकिन कुछ विशेष नियमों के कारण उसका नीचत्व (कमजोरी) समाप्त होकर वह राजयोग में परिवर्तित हो जाता है, तो इसे नीचभंग राजयोग कहते हैं।
