Samsaptak Yog 2025: धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। इसमें वो उच्च के माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस राशि को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। वहीं, शुक्र ग्रह का गुरु की राशि धनु में प्रवेश दुर्लभ संयोग है, क्योंकि बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में विराजमान हैं। इस तरह दोनों ग्रह एक दूसरे से सप्तम भाव में हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ऐसा संयोग 100 वर्षों में पहली बार हो रहा है और यह संयोग समसप्तक योग का निर्माण कर रहा है। इससे कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं। अब तक मंगल की राशि में गोचर कर रहे शुक्र का प्रभाव कम था, लेकिन धनु राशि में वह पहले के मुकाबले अधिक प्रभावशाली होंगे। खास बात यह है कि धनु राशि में पहले से ही सूर्य और मंगल मौजूद हैं, जिससे यह गोचर और अधिक शक्तिशाली बन गया है।
धनु में शुक्र का प्रवेश और महत्व
सुख, ऐश्वर्य, प्रेम, सौंदर्य और विलासिता के कारक शुक्र ग्रह 20 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश कर चुके हैं। इस स्थिति में शुक्र अब 13 जनवरी 2026 तक धनु राशि में ही विराजमान रहेंगे, इसके बाद वे मकर राशि में गोचर करेंगे। बृहस्पति की राशि में शुक्र के प्रवेश करने पर जातक के जीवन में संतुलन, विवेक और सुख-साधनों की वृद्धि देखने को मिलती है। हालांकि, शुक्र अभी अस्त हैं, और 3 फरवरी 2026 को उदित होंगे। अस्त अवस्था के कारण शुक्र के फल में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन शुभता पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।
समसप्तक योग का दुर्लभ संयोग
शुक्र के धनु राशि में प्रवेश करने से एक खास ज्योतिषीय स्थिति बनी है। इस समय गुरु मिथुन राशि में हैं और शुक्र धनु में। दोनों ग्रह एक-दूसरे से सप्तम भाव में स्थित हैं, जिससे समसप्तक राज योग का निर्माण हो रहा है। यह अत्यंत दुर्लभ योग लंबे समय बाद बनता है।
मिथुन राशि : शुक्र की सीधी दृष्टि मिथुन राशि पर पड़ेगी। इससे करियर में नए अवसर, संवाद कौशल में वृद्धि और व्यापार में लाभ के योग बनेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।
धनु राशि : स्वयं की राशि में शुक्र, सूर्य और मंगल की उपस्थिति आत्मविश्वास को बढ़ाएगी। भाग्य का साथ मिलेगा, रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
वृषभ राशि : आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पारिवारिक सुख, वाहन और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
तुला राशि : शुक्र की स्वामित्व वाली राशि होने के कारण तुला राशि पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती, दांपत्य जीवन में मधुरता और कला से जुड़े लोगों के लिए सफलता के योग हैं।
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