Shani-Chandra Vish Yog: ज्योतिष शास्त्र में मन के कारक चंद्रमा और कर्मफलदाता शनि का साथ आना अहम घटना माना जाता है। शनि इस समय मीन राशि में वक्री चाल से गोचर कर रहे हैं और जून 2027 तक यहीं रहेंगे। वहीं, चंद्रमा ने 11 सितंबर 2026 को इस राशि में गोचर किया है और शनि के साथ विष योग का निर्माण किया है। एक तरफ जहां चंद्रमा अत्यंत तीव्र गति से चलने वाले और मानसिक भावनाओं के प्रतीक ग्रह हैं, वहीं दूसरी तरफ शनि देव अत्यंत धीमी गति, अनुशासन और गंभीरता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
