Surya-Guru Kendra Drishti Yog: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन ही नहीं उनका संयोग भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका असर जातकों के जीवन के साथ-साथ देश-दुनिया की गतिविधियों पर भी पड़ता है। दो या उससे ज्यादा ग्रहों के संयोग से कई बार दुर्लभ संयोगों का निर्माण होता है। लेकिन हर योग का अच्छा प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर नहीं होता है। ये योग अक्सर कुछ राशियों के लिए बहुत अच्छे होते हैं, तो कुछ के लिए संकट का कारण भी बनते हैं। जैसा आने वाले कुछ दिनों में सूर्य और गुरु के संयोग से बनने वाले केंद्र दृष्टि योग के कारण देखने को मिल सकता है। इससे 4 राशियों के जातकों मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है केंद्र दृष्टि योग और कब से बन रहा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य और बृहस्पति का केंद्र योग एक शक्तिशाली लेकिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण योग माना जाता है। सूर्य आत्मबल, आत्मविश्वास और अधिकार का प्रतीक है, वहीं बृहस्पति ज्ञान, समझ और विस्तार को दर्शाता है। जब ये दोनों ग्रह चौथे या दसवें भाव में एक-दूसरे के सामने आते हैं, तो सोच और निर्णय में टकराव की स्थिति बन सकती है। इसके प्रभाव से व्यक्ति सही और गलत के बीच उलझ सकता है और फैसले लेने में भ्रम बढ़ सकता है। ज्योतिष गणना के आधार पर उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि, 9 अप्रैल 2026 को सूर्य-बृहस्पति केंद्र दृष्टि योग बनेगा।
इन राशियों की बढ़ेगी मुश्किल
मेष : इस राशि के लोगों के लिए यह योग ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा। इस दौरान मन में अस्थिरता और भावनात्मक उलझन बढ़ सकती है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए कोई भी नया काम शुरू करने से पहले अच्छे से सोच-विचार करें। धैर्य और समझदारी से काम लें।
सिंह : इस राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। चिंता और तनाव बढ़ने की आशंका है। इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। परिवार में जमीन या संपत्ति को लेकर मतभेद हो सकते हैं। धैर्य से काम लें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। अपने लिए थोड़ा समय जरूर निकालें।
वृश्चिक : इस राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। सेहत से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं और अचानक खर्च बढ़ने के संकेत हैं। धन हानि की आशंका है। इसलिए व्यापार या निवेश करते समय विशेष सावधानी रखें। जल्दबाजी से बचें और हर निर्णय सोच-समझकर लें।
कुंभ : इस राशि के लिए भी यह योग शुभ नही माना जा रहा है। मन में उलझन और अस्थिरता महसूस हो सकती है, खासकर भावनाओं और सोच में। जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी है।
जिन राशियों पर ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव दिख रहा है, उन्हें राहत पाने के लिए सूर्य और गुरु के मंत्रों का नियमित जाप करना चाहि। पशुओं को हरा चारा खिलाएं और जरूरतमंद लोगों को लाल-पीले रंग की वस्तुओं का दान करें।
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