Navpancham Rajyog 2026:बुध-बृहस्पति के संयोग से बना है नवपंचम राजयोग, इन 5 राशियों के चल रहे हैं अच्छे दिन

Navpancham Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में कुछ ग्रहों के विशेष परिस्थितियों में एक साथ आने से कई प्रभावशाली और प्रमुख राजयोगों का निर्माण होता है। नवपंचम राजयोग ऐसा ही एक दुर्लभ संयोग है। इससे 5 राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और उनके अच्छे दिन शुरू होंगे

अपडेटेड Apr 05, 2026 पर 8:00 AM
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इस समय देवताओं के गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी अवस्था में विराजमान है।

Navpancham Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम राजयोग को अत्यंत प्रभावशाली और प्रमुख राजयोग माना जाता है। इसका निर्माण देवगुरु बृहस्पति और देवताओं के राजा बुध के साथ आने से हुआ है। ग्रहों का राशि परिवर्तन हो या एक-दूसरे के साथ संयोग यह खगोल शास्त्र के अनुसार सामान्य घटना है, जो निश्चित अंतराल पर होती रहती है। लेकिन, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार एक या उससे अधिक ग्रहों के साथ आने से दुर्लभ संयोग बनते हैं, जातकों के जीवन पर ही नहीं देश-दुनिया की गतिविधि पर भी अपना प्रभाव डालते हैं।

बृहस्पति की स्थिति

इस समय देवताओं के गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी अवस्था में विराजमान है। इस राशि में रहकर वह किसी न किसी ग्रह के साथ युति, दृष्टि डालते रहेंगे, जिससे शुभ-अशुभ राजयोगों का निर्माण होगा।

कब बना नवपंचम राजयोग

पंचांग के अनुसार, नवपंचम राजयोग 3 अप्रैल को शाम 4:55 बजे से गुरु बुध एक-दूसरे से 120 डिग्री पर आ गए हैं। इनके संयोग से नवपंचम राजयोग बना है। इस राजयोग के निर्माण से 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। लेकिन इन 5 राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम (5वें) और नवम (9वें) भाव के संबंध में होते हैं तब नवपंचम राजयोग बनता है। इस समय मिथुन राशि में विराजमान गुरु कुंभ राशि में पंचम भाव और बुध मिथुन राशि के नौवें भाव में विराजमान हैं।


कर्क राशि : इस राशि राशि की गोचर कुंडली में गुरु 12वें और बुध आठवें भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में इस राशि के जीवन में खुशियां ही खुशियां आ सकती है। अध्यात्म की ओर झुकाव होगा, जिससे आप किसी धार्मिक स्थल पर जा सकते हैं। भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है।

तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग अनुकूल हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के नौवें भाव में गुरु और पंचम भाव में बुध रहने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में किस्मत का साथ मिल सकता है। लंबे समय से रुका काम एक बार फिर से आरंभ हो सकता है।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए गुरु और बुध के संयोग से बना नवपंचम राजयोग लाभकारी साबित हो सकता है। इस राशि के चतुर्थ भाव में गुरु और बारहवें भाव में बुध रहने से माता-पिता का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। वाहन, घर या संपत्ति खरीदने का सपना पूरा हो सकता है और घर-परिवार में खुशियां आएंगी।

कुंभ राशि : इस राशि के लग्न भाव में बुध और पंचम भाव में गुरु विराजमान रहेंगे। ऐसे में दोनों की कोणीय स्थिति में बना नवपंचम राजयोग इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस राशि के जातकों की निर्णय क्षमता में तेजी से वृद्धि हो सकती है। ऐसे में आप कई योजनाओं को सफल कर सकते हैं।

धनु राशि : धनु राशि के जातकों के लिए गुरु-बुध का नवपंचम राजयोग लकी हो सकता है। इस राशि के सप्तम भाव में गुरु मार्गी है और तीसरे भाव में बुध विराजमान है। इस समय मीन राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन में पहले से चली आ रही समस्याएं या तनाव समा प्त होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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