Vaidhriti Yoga 2026 Effects: मेष संक्रांति के दिन बन रहा वैधृति योग इन तीन राशियों के लिए खड़ी करेगा बाधाएं, जानें क्या है यह योग और इससे बचने का उपाय

Vaidhriti Yoga 2026 Effects: ज्योतिष में ग्रहों की कुछ स्थितियों को अशुभ माना गया है। वैधृति योग ऐसा ही अशुभ संयोग है, जो सूर्य और चंद्रमा के विशेष स्थितियों में मेल से बनता है। यह योग मेष संक्रांति पर बनने जा रहा है, जिससे तीन राशियों की जीवन में बाधाएं खड़ी हो सकती हैं

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 8:00 AM
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ज्योतिष शास्त्र में वैधृति योग को अशुभ माना जाता है।

Vaidhriti Yoga 2026 Effects: ग्रहों का गोचर सामान्य घटना होता है, मगर कई बार ग्रहों का आपसी संयोग कुछ राशियों के लिए संकट का कारण बन जाता है। कई बार शुभ ग्रह भी एक-दूसरे के साथ युति करते हुए अशुभ योगों का निर्माण करते हैं। ऐसा ही एक योग इस साल मेष संक्रांति के समय बनने जा रहा है। इस साल 14 अप्रैल को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से जहां खरमास की समाप्ति होगी और नए सौर वर्ष का शुभारंभ होगा। वहीं, इस दिन सूर्य और चंद्रमा कुछ ऐसी स्थिति में होंगे, जिससे वैधृति नाम का योग बनेगा। इसे ज्योतिषा शास्त्र में अच्छा नहीं माना जाता है।

क्या है वैधृति योग और कब बनता है?

जब मंगल, शनि या राहु जैसे अशुभ ग्रह चंद्रमा से छठे, आठवें या बारहवें भाव में होते हैं, तब यह योग बनता है। ज्योतिष में इन भावों को कमजोर माना जाता है और अक्सर इन्हें बाधाओं, हानियों और छिपी हुई चुनौतियों से जोड़ा जाता है। इसके अलावा, सूर्य और चंद्रमा की एक-दूसरे से खास दूरी भी इस योग की उपस्थिति की पुष्टि करती है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि यह अप्रत्याशित घटनाओं, आपसी कलह और संभावित आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

कब से कब तक है वैधृति योग?

हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल, 2026 को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा। ठीक इसी समय, सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण 'वैधृति योग' का निर्माण होगा। यह योग 16 अप्रैल, 2026 सुबह 10:38 बजे से 17 अप्रैल, 2026 सुबह 7:22 बजे तक रहेगा।

3 राशियां जिन्हें सावधान रहना चाहिए


मेष राशि : सूर्य आपकी अपनी ही राशि में प्रवेश कर रहा है, जिससे आपके लिए इस योग की तीव्रता और भी बढ़ जाएगी। किसी भी प्रकार का आर्थिक निवेश करने से बचें, क्योंकि नुकसान होने के संकेत मिल रहे हैं। करीबियों के साथ किसी भी तरह के विवाद से बचें और बोली पर विशेष नियंत्रण रखें।

कर्क राशि : धैर्य रखें और जोखिम भरे निर्णय लेने से बचें। कर्क राशि के जातकों के लिए, यह समय उनके धैर्य की कड़ी परीक्षा ले सकता है। जोखिम भरे वित्तीय लेन-देन या जल्दी पैसा कमाने के शॉर्टकट से बचें। काम की जगह पर सहकर्मियों से मतभेद हो सकते हैं।

धनु राशि : काम और रिश्तों में चुनौतियां आ सकती हैं। इस राशि के जातकों को इस दौरान थोड़ा असंतुलित महसूस हो सकता है। करियर से जुड़ी चुनौतियां और तालमेल की कमी हो सकती है। अभी के लिए नई योजनाओं को टाल देना बेहतर है। माता-पिता से मतभेद बढ़ सकते हैं।

इस दिन ये उपाय करें

  • शिवलिंग का दूध या गंगाजल से अभिषेक करें।
  • 'ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें, खासकर इसलिए क्योंकि यह दिन मंगलवार को पड़ रहा है।
  • माना जाता है कि पांच मुखी रुद्राक्ष पहनने से मानसिक शांति मिलती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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