Maruti Suzuki की बाजार हिस्सेदारी लगातार 40% से नीचे, जानिए क्या है वजह

SIAM के डेटा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली तिमाही में होलसेल पैसेंजर्स व्हीकल्स मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 38.89 फीसदी थी। दूसरी तिमाही में यह 38.78 फीसदी हो गई। दिसंबर तिमाही में यह गिरकर 39.61 फीसदी रह गई

अपडेटेड Feb 28, 2026 पर 6:56 PM
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FY20 से FY25 के बीच मारुति का होलसेल मार्केट शेयर करीब 10 फीसदी गिरा है।

भारत के पैसेंजर व्हीकल्स मार्केट पर लंबे समय तक राज करने के बाद मारुति सुजुकी इंडिया अब थकी हुई दिखती है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अब तक घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स के होलसेल मार्केट में इसकी हिस्सेदारी लगातार 40 फीसदी से नीचे बनी हुई है। छह साल पहले इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 51 फीसदी थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से मारुति को कड़ी टक्कर मिल रही है। इस वजह से मारुति की बाजार हिस्सेदारी स्थिर बनी हुई है।

इस वित्त वर्ष में हिस्सेदारी लगातार 40 फीसदी से नीचे

SIAM के डेटा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली तिमाही में होलसेल पैसेंजर्स व्हीकल्स मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 38.89 फीसदी थी। दूसरी तिमाही में यह 38.78 फीसदी हो गई। दिसंबर तिमाही में यह गिरकर 39.61 फीसदी रह गई। यह कंपनी की सेल्स पर लगातार दबाव का संकेत है।


FY20 से FY25 के बीच बाजार हिस्सेदारी 10 फीसदी घटी

FY20 से FY25 के बीच मारुति का होलसेल मार्केट शेयर करीब 10 फीसदी गिरा है। हालांकि, घरेलू बाजार में इसका सालाना होलसेल वॉल्यूम बढ़कर करीब 3,46,421 यूनिट्स पहुंच गया। FY20 में कुल डोमेस्टिक पीवी होलसेल वॉल्यूम 27,73,519 यूनिट्स था, जो बढ़कर FY25 में 43,01848 यूनिट्स पर पहुंच गया। इंडस्ट्री की इस ग्रोथ में मारुति की हिस्सेदारी 3,46,421 यूनिट्स रही।

बाजार में घट रही मारुति की बादशाहत

FY20 से FY25 के बीच, इंडस्ट्री की इंक्रीमेंटल इंडस्ट्री होलसेल ग्रोथ में मारुति की हिस्सेदारी करीब 23 फीसदी रही। हालांकि, FY20 में इसका मार्केट शेयर बेस 51 फीसदी था। बाकी की ग्रोथ प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के नाम रही। इससे मार्केट में मारुति की बादशाहत में कमी के संकेत मिलते हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा की हिस्सेदारी पीवी होलसेल में FY20 के 6.74 फीसदी से बढ़कर FY25 में 12.82 फीसदी हो गई। इस दौरान टाटा मोटर्स की 4.98 फीसदी से बढ़कर 13.23 फीसदी हो गई।

मारुति की व्हीकल्स की डिमांड स्ट्रॉन्ग

बाजार हिस्सेदारी घटने के बावजूद मारुति की गाड़ियों की मांग स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। फरवरी की शुरुआत में कंपनी की पेंडिंग कस्टमर बुकिंग्स करीब 1,75,000 थी। सेडान, हैचबैक, एमपीवी और एसयूवी सहित हर सेगमेंट में स्ट्रॉन्ग डिमांड दिखी। इस साल जनवरी में कंपनी की प्रोडक्शन और सप्लाई टीम को दो रविवार और एक पब्लिक हॉलिडे को काम करना पड़ा। कंपनी एरिना और नेक्सा सहित दो चैनल्स से अपनी व्हीकल्स बेचीत है।

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कंपनी ने 50% बाजार हिस्सेदारी का टारगेट तय किया 

कंपनी के सीनियर एग्जिक्यूटिव अफसर पार्थो बनर्जी ने कहा, "वाहन मार्केट में हमारी हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा है। हमारा फिर से इसे 50 फीसदी तक पहुंचाने का प्लान है। कंपनी एसयूवी सेल्स बढ़ाने के मौके तलाश रही है। हमारे पास पर्याप्त प्रोडक्ट्स नहीं हैं। हमने मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में विक्टोरिस लॉन्च की है। हमारे और कई प्लान हैं।"

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