अब टोल प्लाजा पर नहीं लगेगी लाइन! दिसंबर 2026 तक हाईवे पर शुरू होगा बैरियर-फ्री टोल सिस्टम

अब हाईवे पर सफर करना पहले जैसा नहीं रहने वाला है। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें, रुक-रुककर होने वाली देरी और हर बार पेमेंट का झंझट-ये सब जल्द ही इतिहास बनने वाला है। अब नया सिस्टम ऐसा होगा जिसमें आपकी गाड़ी बिना रुके आगे बढ़ेगी।

अपडेटेड Apr 28, 2026 पर 8:02 AM
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दिसंबर 2026 तक हाईवे पर शुरू होगा बैरियर-फ्री टोल सिस्टम

अब हाईवे पर सफर करना पहले जैसा नहीं रहने वाला है। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें, रुक-रुककर होने वाली देरी और हर बार पेमेंट का झंझट-ये सब जल्द ही इतिहास बनने वाला है। अब नया सिस्टम ऐसा होगा जिसमें आपकी गाड़ी बिना रुके आगे बढ़ेगी और टोल अपने आप डिजिटल तरीके से कट जाएगा। कैमरा आपकी नंबर प्लेट पढ़ेगा और पेमेंट सीधे खाते से हो जाएगा। यानी न कोई लाइन, न कोई रुकावट, सिर्फ स्मूद और तेज सफर। दरअसल, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार दिसंबर 2026 तक देश के कई नेशनल हाईवे पर इस बैरियर-फ्री टोल सिस्टम को लागू करने की तैयारी में है, जो ट्रैवल का पूरा एक्सपीरियंस बदल देगा। इससे सफर तेज, आसान और बिना किसी झंझट के आगे बढ़ेगा।

हाई पर लागू होंगे बिना बैरियर वाले टोल सिस्टम

लॉजिस्टिक्स पॉवर समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में नितिन गडकरी ने कहा कि, देश में लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार दिसंबर तक कई नेशनल हाईवे पर बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम लागू करने की योजना पर काम कर रही है। इससे टोल प्लाजा पर लगनी वाली लंबी कतारें, और समय दोनों बचेगा। इस नए सिस्टम में आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्ननिशन (ANPR) और RFID बेस्ड FASTag शामिल होंगे। साथ ही हाई-टेक कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट पहचानेंगे और FASTag के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा। ड्राइवर को कहीं रुकने की जरूरत नहीं होगी।


वाहन नियमों का पालन जरूरी, नहीं तो लगेगा जुर्माना

गड़करी ने आगे कहा कि जो लोग वाहन नियमों का पालन नहीं करेंगे उन्हें ई-नोटिस भेजा जाएगा। समय पर पेमेंट नहीं करने पर FASTag को सस्पेंड किया जा सकता है और VAHAN से जुड़े अन्य जुर्माने भी लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत को वैश्विक शक्ति बनना है तो लॉजिस्टिक्स लागत को सिंगल डिजिट तक लाना होगा। IIT मद्रास और कानपुर, IIM बेंगलुरु की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर लगभग 10% तक आ गई है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि अमेरिका और यूरोप में यह लागत करीब 12% है, जबकि चीन में यह 8 से 10% के बीच है।

87% तेल की जरूरते आयात से होती हैं

समिट में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत अपनी 87% तेल की जरूरते आयात से पूरी करता है। हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल विदेशो से खरीदा जाता है, जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है। इनको कम करने के लिए हमें वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूचर का फ्यूल है, लेकिन इसे किफायती बनाने के लिए हाइड्रोजन स्टेशन की लागत कम करनी होगी।

भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना सरकार का लक्ष्य

गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है। सरकार का लक्ष्य है कि देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाई जाए। जिसमें बेहतर सड़क नेटवर्क और कम लॉजिस्टिक्स लागत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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