Union Budget 2025 Expectations Highlights: केंद्रीय बजट 2025 को लेकर हर सेक्टर की अपनी-अपनी उम्मीदें और मांगें हैं। एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई के चरम पर पहुंचने और सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में तेजी लाने की कोशिशों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। आगामी केंद्रीय बजट बाजार में वापसी के लिए अहम हैं। ग्रामीण मांग में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है। पीएल कैपिटल ग्रुप प्रभुदास लीलाधर की रिपोर्ट के अनुसार, त्योहार और शादी के सीजन ने यात्रा, आभूषण, घड़ियां, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट, जूते, परिधान और ड्यूरेबल की मांग को बढ़ावा दिया है। संस्थागत अनुसंधान के निदेशक अमनीश अग्रवाल ने कहा, "हम रेलवे, रक्षा, बिजली, डेटा सेंटर आदि में ऑर्डर की गति में पहले से ही तेजी देख रहे हैं, जिसके क्रियान्वयन से वित्त वर्ष 2026 और उसके बाद विकास में तेजी आएगी।"
मध्यम वर्ग और कारोबारी टैक्स में राहत की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं युवा और छात्र शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए अधिक निवेश और बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। इस बीच रियल एस्टेट सेक्टर को भी बजट 2025 से काफी उम्मीदें हैं। ताकि विकास के नए रास्ते भी खुले और लंबे समय से आ रही चुनौतियों का भी समाधान हो सके। इस सेक्टर के कई बड़े लीडर्स ने रियल एस्टेट में ट्रांसफॉर्मेशन की उम्मीदें जताई हैं। जिससे देश के आर्थिक विकास और हाउसिंग फॉर ऑल के सरकार के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
रियल एस्टेट सेक्टर की लंबे समय से मांग है कि इसे भी उद्योग का दर्जा दिया जाए। इसी के साथ होम लोन पर टैक्स छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की भी मांग की जा रही है। जिससे घर खरीदने वालों को राहत मिल सके। देश के बड़े शहरों में बढ़ती कीमतों का ध्यान रखते हुए किफायती आवास की परिभाषा बदलने की भी मांग की गई है। जिससे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को फायदा मिल सके। रियल एस्टेट सेक्टर की मांग स्टाम्प ड्यूटी में कटौती करने की भी है।