Budget 2025: टैक्स में छूट देकर सीनियर सिटीजन को राहत देगी सरकार? क्या निवेश पर लॉक इन पीरियड होगा खत्म

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट से सभी वर्गों की तरह सीनियर सिटीजन को भी कई उम्मीदें हैं। महंगाई की मार और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों ने सीनियर सिटीजंस के जीवन को कठिन बना दिया है

अपडेटेड Jan 02, 2025 पर 7:30 AM
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Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी।

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट से सभी वर्गों की तरह सीनियर सिटीजन को भी कई उम्मीदें हैं। महंगाई की मार और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों ने सीनियर सिटीजंस के जीवन को कठिन बना दिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री उनके लिए राहत देने वाले कुछ बड़े फैसले ले सकती हैं।

किराए पर रहने वालों को टैक्स डिडक्शन

बड़ी संख्या में सीनियर सिटीजन ऐसे हैं जिनके पास अपना घर नहीं है और वे किराए के मकानों में रहते हैं। उनका कहना है कि हर महीने किराए का खर्च उनके बजट पर भारी पड़ता है। सरकार को इन सीनियर सिटीजंस को हाउस रेंट पर टैक्स डिडक्शन की सुविधा देनी चाहिए, खासकर उन लोगों के लिए जो नियमित पेंशन नहीं पाते हैं। इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और उनका जीवन थोड़ा आसान हो सकेगा।


हेल्थ पॉलिसी पर टैक्स छूट बढ़ाने की मांग

कोविड महामारी के बाद इलाज का खर्च काफी बढ़ गया है। निजी अस्पतालों में इलाज कराना बिना हेल्थ इंश्योरेंस के संभव नहीं है। हालांकि, हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर सीनियर सिटीजंस को अभी 50,000 रुपये की टैक्स छूट मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीमा बढ़ाकर कम से कम 1 लाख रुपये करनी चाहिए, क्योंकि हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम में लगातार वृद्धि हो रही है।

निवेश के लॉक-इन पीरियड को किया जाए कम

सरकार को सीनियर सिटीजंस के टैक्स-सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट्स में लॉक-इन पीरियड घटाने पर विचार करना चाहिए। फिलहाल, बैंक या पोस्ट ऑफिस की टैक्स-सेविंग एफडी का लॉक-इन पीरियड 5 साल है, जबकि म्यूचुअल फंड की टैक्स-सेविंग स्कीम (ELSS) का 3 साल है। सीनियर सिटीजंस के लिए इन इंस्ट्रूमेंट्स का लॉक-इन पीरियड घटाने से उनकी आर्थिक दिक्कतें कम हो सकती हैं।

सेक्शन 80TTB की लिमिट बढ़ाने की मांग

वर्तमान में बैंक या कोऑपरेटिव सोसाइटी के डिपॉजिट पर 50,000 रुपये तक की ब्याज आय पर टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार इस लिमिट को बढ़ाने के साथ-साथ नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स (NSC) पर मिलने वाले ब्याज को भी इसके दायरे में लाए। इससे एनएससी में निवेश करने वाले सीनियर सिटीजंस को सीधा फायदा होगा।

सीनियर सिटीजंस के लिए राहत की उम्मीद

महंगाई और बढ़ते स्वास्थ्य खर्च के कारण सीनियर सिटीजंस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उम्मीद है कि बजट 2025 में वित्त मंत्री उनकी जरूरतों को समझते हुए आर्थिक राहत देने वाले कदम उठाएंगी।

 

 

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