UP Budget 2026: योगी सरकार ने पेश किया ₹9,12,696 करोड़ का महा-बजट, 10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार!

Uttar Pradesh Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का आधार बताया है

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 12:01 PM
Story continues below Advertisement
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है

UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को 'वन ट्रिलियन डॉलर' बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

बजट के मुख्य आंकड़े

कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़


राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित)

प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है)

बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है।

दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय

योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है।

बजट में किसानों के लिए बड़ी सौगातें

योगी सरकार ने अपने इस ऐतिहासिक बजट में अन्नदाताओं की खुशहाली को प्राथमिकता देते हुए गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेराई सत्र 2025-2026 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे किसानों की जेब में करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान पहुँचेगा। इसके साथ ही सरकार ने रिकॉर्ड बनाते हुए अब तक 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना बकाया चुकाया है, जो पिछले 22 वर्षों के कुल भुगतान से भी कहीं ज्यादा है। कृषि उत्पादों की खरीद में भी तेजी लाते हुए रबी और खरीफ सीजन के दौरान गेहूं, धान और बाजरा की रिकॉर्ड खरीदारी की गई है, जिसके तहत सीधे किसानों के खातों में करोड़ों रुपये भेजे गए हैं, जो सरकार की 'किसान-प्रथम' नीति को मजबूती से दर्शाता है।

औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप्स का हब बना यूपी

उत्तर प्रदेश निवेश के मामले में देश का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के समझौते (MoUs) हो चुके हैं, जिससे लगभग 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण केंद्र बनाता है। इनोवेशन और तकनीक को बढ़ावा देने की वजह से यूपी को राष्ट्रीय स्तर पर 'लीडर श्रेणी' की रैंकिंग हासिल हुई है।

महिला, युवा और शिक्षा के क्षेत्र में सशक्तिकरण की नई राह

चुनावी साल से पहले यूपी में बेरोजगारी दर घटकर अब महज 2.24% रह गई है। संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और उनके लिए एक नए सेवा निगम के गठन का प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा है। ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए 'शी-मार्ट' (SHE-Marts) की स्थापना की जाएगी, जिससे लाखों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।