Budget 2025: ईवी खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा कर लें इंतजार, निर्मला सीतारमण करेंगी EV के लिए बड़े ऐलान

अभी ईवी, ईवी की बैटरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 फीसदी GST लगता है। लेकिन, ईवी में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और एक्सेसरीज पर 28 फीसदी जीएसटी का रेट लागू होता है। ईवी के मेंटेनेंस और रिपेयर्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है

अपडेटेड Jan 12, 2025 पर 11:22 AM
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अगर सरकार ईवी से जुड़े पार्ट्स पर GST घटाने की पॉलिसी अपनाती है तो इससे ईवी की कीमत काफी घट सकती है।

अगर आप इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने जा रहे हैं तो आपको 1 फरवरी तक इंतजार कर लेना चाहिए। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2025 में ईवी के लिए बड़े ऐलान करने जा रही हैं। सरकार ने पिछले साल 23 जुलाई को पेश बजट में ईवी के लिए बड़े ऐलान नहीं किए थे। खासकर ईवी खरीदने के लिए ग्राहकों को लिए किसी तरह की सब्सिडी का ऐलान नहीं किया था। इससे ईवी खरीदने का प्लान बना रहे लोगों को काफी मायूसी हुई थी।

ईवी की कीमत घटाने के उपाय होंगे

एक्सपर्ट्स का कहना है अगर सरकार Electric Vehicles के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहती है तो सबसे पहले उसे ऐसे उपाय करने होंगे, जिससे ईवी की कीमत कम हो जाए। अब भी पेट्रोल-डीजल व्हीकल्स के मुकाबले ईवी की कीमत काफी ज्यादा है। इससे लोग ईवी खरीदने में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अगर सरकार ईवी से जुड़े पार्ट्स पर GST घटाने की पॉलिसी अपनाती है तो इससे ईवी की कीमत काफी घट सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट में इस बारे में ऐलान कर सकती हैं।


अभी ईवी पार्ट्स पर जीएसटी काफी ज्यादा

अभी ईवी, ईवी की बैटरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 फीसदी GST लगता है। लेकिन, ईवी में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और एक्सेसरीज पर 28 फीसदी जीएसटी का रेट लागू होता है। ईवी के मेंटेनेंस और रिपेयर्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। ईवी इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स को कहना है कि सरकार को इसमें बदलाव करने की जरूरत है। ईवी और ईवी के पार्ट्स सहित उसके मेंटेनेंस और रिपेयर्स पर 5 फीसदी का जीएसटी लागू होना चाहिए। इससे ईवी रखने का लोगों का खर्च कम होगा, जिससे ईवी खरीदने मे उनकी दिलचस्पी बढ़ेगी।

ईवी इंडस्ट्री के लिए पीएलआई स्कीम की मांग

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने सरकार को देश में ईवी बैटरी का उत्पादन बढ़ाने के लिए PLI स्कीम का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इस स्कीम से कंपनियां ईवी की बैटरी का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित होंगी। इससे ईवी बैटरी की कीमतों में कमी आएगी। इससे ईवी की कीमत भी घटकर पेट्रोल और डीजल व्हीकल्स के लेवल पर आ जाएगी। अभी ज्यादा कीमत की वजह से ईवी खरीदने में कम दिलचस्पी दिखाते हैं।

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सब्सिडी स्कीम का हो सकता है ऐलान

सरकार बैंकों को ईवी खरीदने के लिए लोन पर इंटरेस्ट रेट घटाने को कह सकती है। साथ ही ग्राहकों को ईवी पर सब्सिडी देने के ऐलान भी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कर सकती हैं। अभी राज्य सराकारें ईवी खरीदने वाले ग्राहकों को सब्सिडी देती हैं। इससे हर राज्य में सब्सिडी अलग-अलग है। केंद्र सरकार ईवी ग्राहकों के लिए अपनी तरफ से सब्सिडी देने का ऐलान कर सकती है। इससे ईवी की कीमत ग्राहक के लिए काफी कम हो जाएगी।

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