सरकार कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी से मिलने वाली छूट खत्म कर सकती है। इसका ऐलान यूनियन बजट 2025 में हो सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट पेश करेंगी। ईटी की खबर के मुताबिक, सरकार उन चीजों के देश में ही उत्पादन पर जोर दे रही है, जिनका अभी आयात करना पड़ता है। इसके लिए कई चीजों को आयात शुल्क से अभी मिलने वाली छूट खत्म की जा सकती है। अभी इंडिया में ऐसी कई चीजें हैं जिनका आयाता करना पड़ता है। इनमें कई ऐसी चीजें भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल दूसरे उत्पादों के उत्पादन में होता है।
अभी कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी 0-5 फीसदी के बीच है
ईटी की खबर के मुताबिक, अभी ऐसे 31 प्रोडक्ट्स हैं, जिन पर कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) 0-5 फीसदी के बीच है। यह रियायती कस्टम ड्यूटी अगले साल अक्टूबर में एक्सपायर हो जाएगी। इस बारे सरकार ने अलग-अलग मंत्रालयों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से बातचीत की है। अभी इस बारे में चर्चा चल रही है। सरकार ने इस मसले पर इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से राय भी मांगी है। केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार 'मेक इन इंडिया' सहित कई स्कीमों के जरिए देश में ही चीजों के उत्पादन पर जोर दे रही है।
देश में ही चीजों के उत्पादन पर सरकार का फोकस
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीजों के घरेलू उत्पादन पर सरकार के फोकस के नतीजे मिले हैं। अब इंडिया में ऐसी कई चीजों का उत्पादन हो रहा है, जिनका पहले आयात करना पड़ता था। स्मार्टफोन इसका उदाहरण है। आज एपल, सैमसंग, शियोमी जैसी दिग्गज कंपनियां इंडिया में अपने स्मार्टफोन बना रही हैं। सरकार सेमीकंडक्टर का उत्पादन भी देश में करना चाहती है। टाटा समूह सहित कई कंपनियों ने इस दिशा में पहल की है।
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कस्टम ड्यूटी पर छूट खत्म होने से सरकार का रेवेन्यू बढ़ेगा
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अगर कई आयातित चीजों को कस्टम ड्यूटी से मिल रही छूट खत्म करती हैं तो इससे सरकार का रेवेन्यू भी बढ़ेगा। अभी जीरो कस्टम ड्यूटी या बहुत कम कस्टम ड्यूटी की वजह से रेवेन्यू को काफी नुकसान होता है। माना जा रहा है कि वित्तमंत्री इस बारे में 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट में ऐलान कर सकती हैं। कस्टम ड्यूटी में बदलाव करने के लिए जीएसटी काउंसिल के एप्रूवल की जरूरत नहीं पड़ती है। कस्टम ड्यूटी का मामला जीएसटी से अलग है।