Union Budget 2025: वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए 25,000 करोड़ रुपये के खर्च वाली PLI स्कीम को मंजूरी दे दी है, सीएनबीसी-टीवी 18 ने 6 जनवरी को इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद, MeitY द्वारा कैबिनेट की मंजूरी लेने की उम्मीद है, जिसके बाद आगामी केंद्रीय बजट 2025 में इस योजना की घोषणा की जा सकती है। ऐसा कहा जा रहा है कि इंडस्ट्री इस स्कीम के लिए 40,000 करोड़ रुपये तक के बड़े आवंटन की मांग कर रही था।
कैमरा मॉड्यूल के साथ पीसीबी,बैटरी और डिस्प्ले की सब-असेंबली इस योजना में होगी शामिल
इस PLI स्कीम में कैमरा मॉड्यूल के साथ-साथ पीसीबी,बैटरी और डिस्प्ले की सब-असेंबली शामिल के शामिल किए जाने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ाने के साथ-साथ चीन से होने आयात पर निर्भरता को कम करना है।
रॉयटर्स ने नवंबर 2024 में घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी के हवाले से बताया था नई योजना प्रिंटेड सर्किट बोर्ड जैसे प्रमुख कम्पोनेट के उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी,जिससे घरेलू वैल्यू एडीशन में सुधार होगा और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्टों के लिए लोकल सप्लाई में और सुधार आएगा।
भारत का इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन पिछले छह सालों में दोगुना से ज्यादा बढ़ा
भारत का इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन पिछले छह सालों में दोगुना से अधिक बढ़कर 2024 में 115 अरब डॉलर हो गया है। इसमें एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों द्वारा हो रहे मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग का बड़ा योगदान है। भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्मार्ट फोन आपूर्तिकर्ता बन गया है।
PLI स्कीम घरेलू और ग्लोबल निवेश को आकर्षित कर सकती है और भारत के मैन्युफैक्चरिंग और उसके जुड़े सेक्टरों में रोजगार पैदा कर सकती है। इस पहल का लक्ष्य देश को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्पोनेंट सप्लाई चेन में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना है। लोकल प्रोडक्शन के लिए प्रोत्साहन सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही यह भारत के भीतर इनोवेशन को बढ़ावा दे सकता है। इस योजना से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा भारतीय कंपनीयों को घरेलू कम्पोनेंट आपूर्तिकर्ताओं और उत्पादकों के विकसित होते इकोसिस्टम के साथ जोड़ने में मदद मिलेगी।