Budget 2025: सरकार से मदद मिलने पर फॉरेन मार्केट्स में बढ़ सकती है इंडियन प्रोडक्ट्स की धाक, इंडस्ट्री की राय

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में शामिल इंडस्ट्री रिप्रजेंटेटिव्स का कहना था कि अमेरिकी बाजार इंडिया के लिए ग्रोथ का अहम डेस्टिनेशन हो सकता है। हालांकि, अमेरिका में आगे टैरिफ का मसला सामने आ सकता है। फिर भी, इंडियन कंपनियां अमेरिका में अगले तीन साल में 25 अरब डॉलर से ज्यादा के एक्सपोर्ट के मौके का फायदा उठा सकती हैं

अपडेटेड Dec 27, 2024 पर 10:19 AM
वित्तमंत्री के साथ बातचीत में MSME से जुड़े मसलों पर भी व्यापक चर्चा हुई। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने इंटरेस्ट इक्वलाइजेशन स्कीम को तीन सालों के लिए बढ़ा देने का सुझाव दिया।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतामरण ने 26 दिसंबर को इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से यूनियन बजट 2025 के बारे में चर्चा की। प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री को एक्सपोर्ट बढ़ाने और विदेश में इंडियन कंपनियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के उपाय करने की सलाह दी। प्रतिनिधियों का कहना था कि भारतीय कंपनियों के लिए विदेश खासकर अमेरिकी बाजार में काफी मौके हैं। इसे सपोर्ट देने के लिए सरकार को अनुकूल पॉलिसी बनानी होगी। इससे इंडियन कंपनियां फॉरेन मार्केट्स में मौजूद मौकों का फायदा उठा सकेंगी।

जीसीसी के लिए टैक्स के आसान नियम 

इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को बढ़ावा देने के लिए व्यापक टैक्स फ्रेमवर्क बनाना होगा। एडवान्स प्राइसिंग एग्रीमेंट्स को लागू करने में तेजी लानी होगी। फॉरेन मार्केट में इंडियन कंपनियों की पैठ के लिए ये उपाय जरूरी हैं। NASSCOM के प्रेसिडेंट राजेश नांबियार ने कहा, "हमारा जोर दो मुख्य मसलों पर है-सेफ हार्बर रूल्स के जरिए जीसीसी के लिए टैक्स के आसान नियम और एडवान्स प्राइसिंग एग्रीमेंट्स का प्रभावी इंप्लिमेंटेशन। इनका ऐलान पहले हुआ था, लेकिन इन्हें सही तरीके से लागू करने की जरूरत है।"


अमेरिकी बाजार में इंडियन प्रोडक्ट्स के लिए बड़ी संभावनाएं

वित्तमंत्री के साथ बैठक में शामिल इंडस्ट्री रिप्रजेंटेटिव्स का कहना था कि अमेरिकी बाजार इंडिया के लिए ग्रोथ का अहम डेस्टिनेशन हो सकता है। हालांकि, अमेरिका में आगे टैरिफ का मसला सामने आ सकता है। प्रतिनिधियों का कहना था कि सरकार को अमेरिकी मार्केट में इंडियन कंपनियों के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग के लिए अतिरिक्त फंड का आवंटन करना चाहिए। इससे अगले तीन साल में 25 अरब डॉलर से ज्यादा के एक्सपोर्ट के मौके का फायदा उठाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Budget 2025: ईईपीसी इंडिया ने MSME के लिए इनकम टैक्स का 25% स्लैब शुरू करने की मांग की

इंटरेस्ट इक्वलाइजेशन स्कीम तीन साल के लिए बढ़ाने की जरूरत

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के सीईओ अजय सहाय ने कहा, "स्ट्रेटेजिक मार्केट सपोर्ट से इंडिया अमेरिका को अपना एक्सपोर्ट काफी बढ़ा सकता है। लेकिन, इसके लिए सरकार की तरफ से मदद और फंड जरूरी हैं।" वित्तमंत्री के साथ बातचीत में MSME से जुड़े मसलों पर भी व्यापक चर्चा हुई। इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने इंटरेस्ट इक्वलाइजेशन स्कीम को तीन सालों के लिए बढ़ा देने का सुझाव दिया। साथ ही मार्केट एक्सेस एनिशिएटिव (MAI) के तहत आवंटन बढ़ाने की भी जरूरत बताई।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।