Budget 2025: सरकार नई टैक्स रीजीम में बढ़ा सकती है डिडक्शन, जानिए अभी कौन-कौन से डिडक्शन मिलते हैं

सरकार नई रीजीम का अट्रैक्शन बढ़ाने के लिए डिडक्शन बढ़ा रही है। 23 जुलाई, 2024 को पेश यूनियन बजट में सरकार ने इनकम टैक्स की नई रीजीम में टैक्स एग्जेम्पशन की लिमिट बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी थी। स्टैडर्ड डिडशन को भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया था

अपडेटेड Dec 28, 2024 पर 5:50 PM
नई टैक्स रीजीम में पहले से एनपीएस में निवेश पर डिडक्शन मिलता है।

सरकार ने बजट 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम की शुरुआत की थी। शुरुआत में इस रीजीम में टैक्सपेयर्स ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। लेकिन, अब इसमें उनकी दिलचस्पी बढ़ रही है। नई रीजीम में टैक्स कम लगता है, लेकिन ज्यादातर डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता है। हालांकि, सरकार नई रीजीम का अट्रैक्शन बढ़ाने के लिए डिडक्शन बढ़ा रही है। 23 जुलाई, 2024 को पेश यूनियन बजट में सरकार ने इनकम टैक्स की नई रीजीम में टैक्स एग्जेम्पशन की लिमिट बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी थी। स्टैडर्ड डिडशन को भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया था।

जुलाई में नई रीजीम के लिए बड़े ऐलान

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 फरवरी, 2025 को पेश होने वाले यूनियन बजट में भी वित्तमंत्री (Nirmala Sitharaman) इनकम टैक्स की नई रीजीम (Income tax new regime) का अट्रैक्शन बढ़ाने के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं। खासकर, जुलाई में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने के बाद नई रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतामरण नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर सकती हैं। इसका ऐलान यूनियन बजट में हो सकती है।


 एंप्लॉयर के एनपीएस कंट्रिब्यूशन पर मिलता है डिडक्शन

नई टैक्स रीजीम में पहले से एनपीएस में निवेश पर डिडक्शन मिलता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD(2) के तहत अगर एंप्लॉयर एंप्लॉयी के एनपीएस अकाउंट में कंट्रिब्यूशन करता है तो उस पर डिडक्शन मिलता है। इस सेक्शन के तहत मैक्सिमम 2 लाख रुपये के डिडक्शन की इजाजत है। सरकार ने नौकरी करने वाले लोगों को रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इस डिडक्शन की इजाजत दी है। इसके अलावा सेक्शन 80सीसीएच के तहत भी डिडक्शन मिलता है। इसमें अग्निवीर कॉर्पस फंड में कंट्रिब्यूशन पर डिडक्शन मिलता है।

सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए टैक्स एग्जेम्प्शन की ज्यादा लिमिट

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सेक्शन 80JJAA के तहत ऐसे कंपनियों को डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत देता है, जो नए एंप्लॉयीज की हायरिंग करती हैं। उन्हें एंप्लॉयीज पर आने वाली अतिरिक्त कॉस्ट का 30 फीसदी बतौर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। नई टैक्स रीजीम में सीनियर सिटीजंस के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये है। सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए यह 5 लाख रुपये है। नई टैक्स रीजीम में सालाना 7 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है।

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