प्रमुख उद्योग चैंबर सीसीआई और दूसरे चैबर्स ने सरकार को बजट में इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने वाले उपाय करने की सलाह दी है। इंडस्ट्री का मानना है कि कंजम्प्शन घटने का सीधा असर ग्रोथ पर पड़ा है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई। इकोनॉमिस्ट्स ने भी 24 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मीटिंग में ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों पर फोकस करने की सलाह दी थी। इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि अगर सरकार 2047 तक भारत को विकसित बनाना चाहती है तो जीडीपी में 7-8 फीसदी की ग्रोथ जरूरी है।
1 फरवरी, 2025 को हो सकते हैं ऐलान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 1 फरवरी, 2025 को पेश होने वाले यूनियन बजट (Union Budget 2025) में कुछ सेक्टर से जुड़े नियमों को आसान बनाने का ऐलान कर सकती है। सरकार का फोकस उन सेक्टर पर होगा, जिनमें निवेश के नियम अब भी सख्त हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इकोनॉमिस्ट्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में भी नियमों को आसान बनाने पर चर्चा हुई थी। उद्योग चैंबर सीआईआई के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि सरकार को नियमों को आसान बनाने पर अपना फोकस बनाए रखना चाहिए।
अगली पीढ़ी के रिफॉर्म्स पर फोकस
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल डिसप्यूट्स एक्ट, फैक्ट्रीज एक्ट और कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट को आसान बनाने का ऐलान सरकार कर सकती है। सरकार का 1991 से ही उद्योग और कारोबार से जुड़े नियमों को आसान बनाने पर फोकस रहा है। पिछले कुछ सालों में सरकार ने 42,000 नियमों में बदलाव किए हैं। इस साल जुलाई में पेश यूनियन बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार इकोनॉमिक ग्रोथ और रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए अगली पीढ़ी के रिफॉर्म्स पर फोकस बढ़ाएगी।
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उभरते सेक्टर्स पर होगा सरकार का फोकस
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को उभरते हुए सेक्टर में इनवेस्टमेंट बढ़ाने के उपाय करने होंगे। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी, एआई जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन सेक्टर में रोजगार बढ़ाने पर फोकस करने से जल्द नतीजें दिख सकते हैं। सीआईआई सहित प्रमुख उद्योग चैंबर्स का मानना है कि फिलहाल सरकार का फोकस रोजगार बढ़ाने वाले उपायों पर होना चाहिए।