अब ट्रेन से सफर में आपका ज्यादा मजा आएगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2025 में रेलवे के लिए बड़े ऐलान करने जा रही हैं। वह 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट पेश करेंगी। वित्तमंत्री का फोकस रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही बेहतर पैसेंजर फैसेलिटीज पर होगा। केंद्र में नरेद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से सरकार का फोकस यात्रियों सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहा है। सरकार ने पैसेंजर्स सेफ्टी को भी अपनी प्राथिमिकता में रखा है।
कवच सिस्टम लागू करने से रेल हादसों में कमी आएगी
सूत्रों का कहना है कि दिसंबर के तीसरे हफ्ते में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रेल मंत्रालय के सीनियर अफसरों से इस बारे में काफी बातचीत की थीं। उन्होंने कवच सिस्टम को जल्द पूरे रेल नेटवर्क में लागू करने को कहा था। यह ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है, जिसे देश में ही विकसित किया गया है। इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे रेल नेटवर्क में लागू करने का प्लान है। इससे रेल हादसों की आशंका काफी घट जाएगी।
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का होगा ऐलान
सरकार वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है। 1 फरवरी को वित्तमंत्री नए रूट्स पर कई वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान कर सकती हैं। सरकार पहले ही 40,000 सामान्य ट्रेन कोचों की जगह वंदे भारत कोचों का इस्तेमाल करने का निर्देश रेलवे को दे चुकी है। इसका मकसद यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और ट्रेवल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण नए रूटों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने का ऐलान कर सकती हैं।
रेलवे के लिए 2.75 लाख करोड़ का हो सकता है ऐलोकेशन
अनुमान है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अगले वित्त वर्ष के लिए रेलवे के लिए 2.75 लाख करोड़ रुपये का ऐलोकेशन कर सकती हैं। FY25 के यूनियन बजट में उन्होंने रेलवे के लिए 2.52 लाख करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया था। रेलवे से जुड़े मामलों की जानकारी रखने वाले लोगों का मानना है कि सरकार का फोकस रेलवे के उन प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने पर होगा, जिन पर पहले से काम चल रहा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल जुलाई में पेश यूनियन बजट में भी रेलवे के लिए बड़े ऐलान नहीं किए थे।
ट्रेनों में एसी का सफर महंगा हुआ है
पिछले कुछ सालों में ट्रेनों में एसी कोच में सफर करना काफी महंगा हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब लोग समय बचाने के लिए हवाई यात्रा करने पर जोर देने लगे हैं। दूसरा, ट्रेनों के एसी क्लास के टिकट और हवाई जहाज के टिकट के बीच का फर्क तेजी से कम हो रहा है। ऐसे में रेलवे को यात्रियों को आकर्षित करने के लिए अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने पर फोकस करना होगा।