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Abhishek Gupta JANUARY 31, 2026 / 4:13 PM IST

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट 2026 में मध्यम वर्ग की उम्मीदें टैक्स स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन पर, आयकर में राहत की हो रही मांग

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट में पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए होम लोन के ब्याज पर कटौती सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही है। इसके अलावा, टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए HRA छूट के नियमों में बदलाव और 'अफोर्डेबल हाउसिंग' के लिए नए प्रोत्साहनों की उम्मीद की जा रही है

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। साल 2017 में बजट की तारीख बदलने के बाद यह पहला मौका है जब रविवार को बजट पेश किया जा रहा है।

इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, भारत की जीडीपी विकास दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान है
इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, भारत की जीडीपी विकास दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान है
JANUARY 31, 2026 / 4:09 PM IST

Budget 2026 Expectations Live: नई टैक्स रिजीम के तहत कैसा है टैक्स स्लैब?

बजट 2025 में किए गए ऐतिहासिक बदलावों के बाद, निर्धारण वर्ष 2025–26 से नई टैक्स रिजीम के तहत टैक्स स्लैब को अधिक तर्कसंगत बनाया गया था। फिलहाल ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है, जबकि ₹4 लाख से ₹8 लाख पर 5%, ₹8 लाख से ₹12 लाख पर 10%, ₹12 लाख से ₹16 लाख पर 15%, ₹16 लाख से ₹20 लाख पर 20%, ₹20 लाख से ₹24 लाख पर 25% और ₹24 लाख से अधिक की आय पर 30% टैक्स देय है। विशेष बात यह है कि धारा 87A के तहत ₹60,000 की बढ़ी हुई छूट के कारण अब ₹12 लाख तक की शुद्ध कर योग्य आय वाले निवासियों को कोई आयकर नहीं देना होता है। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को मिलाकर, प्रभावी रूप से ₹12.75 लाख तक की सालाना आय पूरी तरह टैक्स-फ्री है।

    JANUARY 31, 2026 / 3:44 PM IST

    Budget 2026 Expectations Live: स्टार्टअप्स के लिए टैक्स राहत, आसान एंजेल नॉर्म्स और 'मेड इन इंडिया' AI पर जोर

    भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम आगामी बजट 2026 से घरेलू जोखिम पूंजी के प्रवाह को सुगम बनाने और नियामक बाधाओं को कम करने की उम्मीद कर रहा है। SEBI के कड़े मानदंडों के बाद एंजेल फंडिंग में आई गिरावट को देखते हुए, विशेषज्ञ एंजेल टैक्स नियमों में और ढील देने और फैमिली ऑफिसों के लिए निवेश के लचीले विकल्पों की मांग कर रहे है। इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप्स और निवेशक स्पष्ट टैक्स व्यवस्था, ऋण वित्तपोषण के मजबूत रास्तों और विशेष रूप से 'मेड इन इंडिया' AI के विकास के लिए एक राष्ट्रीय अभियान की अपेक्षा कर रहे है। इसमें अकादमिक संस्थानों और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के सहयोग से स्वदेशी फाउंडेशनल AI मॉडल तैयार करने पर जोर दिया गया है, ताकि भारत वैश्विक तकनीकी दौड़ में अपनी मजबूत स्थिति बना सके।

      JANUARY 31, 2026 / 3:31 PM IST

      Budget 2026 Expectations Live: शिक्षा क्षेत्र में वित्तीय मजबूती के लिए विश्वविद्यालय खर्चों पर से GST हटाने की मांग

      अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट डॉ. संजीव विद्यार्थी ने आगामी बजट में शिक्षा क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय से संबंधित खर्चों पर से GST हटाने की सिफारिश की है। वर्तमान कर ढांचे के तहत, विश्वविद्यालय 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) के लिए पात्र नहीं हैं, जिसके कारण सेवाओं और उपकरणों पर चुकाया गया GST एक सीधा और गैर-वसूली योग्य वित्तीय बोझ बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार इस लागत को युक्तिसंगत बनाती है, तो संस्थान अपने सीमित संसाधनों को शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और बेहतर छात्र परिणामों की दिशा में मोड़ने में सक्षम होंगे, जो अंततः देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

        JANUARY 31, 2026 / 3:13 PM IST

        Budget 2026 Expectations Live: सेक्शन 80C के तहत कितनी हो सकती है बचत?

        आयकर अधिनियम के सेक्शन 80C भारत में करदाताओं के बीच सबसे लोकप्रिय टैक्स-सेविंग विकल्प है। यह धारा व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को विशिष्ट निवेशों और खर्चों पर एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा करने की अनुमति देती है। हालांकि, यह लाभ केवल पुरानी टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए ही उपलब्ध है। नई टैक्स रिजीम में इसे शामिल नहीं किया गया है।

          JANUARY 31, 2026 / 2:59 PM IST

          Budget 2026 Expectations Live: लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए LTCG में बड़ी छूट और स्वास्थ्य बीमा पर दोगुनी कटौती की मांग

          बी. शंकर एडवोकेट्स एलएलपी के मैनेजिंग पार्टनर बी. श्रावंथ शंकर के अनुसार, आगामी बजट 2026 में सरकार को केवल शॉर्ट-टर्म टैक्स सेविंग के बजाय लंबे समय के लिए संपत्ति बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि नई टैक्स रिजीम के तहत करदाताओं के लिए ₹25 लाख से ₹50 लाख तक की एक 'लाइफटाइम LTCG छूट सीमा' शुरू की जानी चाहिए। इससे निवेशकों को अपनी बड़ी वित्तीय योजनाओं के लिए बिना भारी टैक्स के पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।

            JANUARY 31, 2026 / 2:46 PM IST

            Budget 2026 Expectations Live: फसल और जलवायु बीमा ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता, किसानों के लिए सुरक्षा कवच बढ़ाने की मांग

            इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रत मंडल ने आगामी बजट में स्वास्थ्य बीमा के साथ-साथ आजीविका सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए उच्च बजट आवंटन की सिफारिश की है, ताकि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते जोखिमों जैसे बाढ़, लू और चक्रवात से किसानों को बचाया जा सके। मंडल का मानना है कि बढ़ती जलवायु अस्थिरता के बीच किसानों को व्यापक सुरक्षा देना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने डिजास्टर और कैटास्ट्रोफे इंश्योरेंस पूल को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है, जिससे प्रणालीगत जोखिमों को साझा किया जा सके और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दावों के निपटान की क्षमता में सुधार हो सके।

              JANUARY 31, 2026 / 2:31 PM IST

              Budget 2026 Expectations Live: इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के लिए टैक्स को स्पष्ट करने की मांग

              आयकर विशेषज्ञों ने आगामी बजट 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और हाइब्रिड कारों के लिए स्पष्ट 'परक्विजिट टैक्स' (Perquisite Tax) नियम पेश करने की वकालत की है। वर्तमान में, आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कंपनी द्वारा दी गई कार की सुविधा पर टैक्स के नियम केवल पेट्रोल और डीजल (ICE) वाहनों के 'इंजन सीसी' पर आधारित हैं। चूंकि इलेक्ट्रिक वाहनों में इंजन नहीं होता, इसलिए कंपनियां इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि कर्मचारियों पर कितना टैक्स लगाया जाए।

                JANUARY 31, 2026 / 2:08 PM IST

                Budget 2026 Expectations Live: सेक्शन 54 में क्या होता है?

                आयकर अधिनियम की धारा 54 उन करदाताओं के लिए एक बेहतरीन राहत है जो अपना पुराना मकान बेचकर नया घर खरीदना चाहते हैं। यह धारा आपको पुराने घर की बिक्री से हुए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर टैक्स छूट प्रदान करती है, बशर्ते आप उस लाभ को किसी अन्य आवासीय संपत्ति में पुनर्निवेश करें।

                नियम और समय सीमा: आप पुराने घर की बिक्री की तारीख से एक साल पहले या दो साल बाद तक नया घर खरीद सकते हैं।अगर आप स्वयं घर बना रहे हैं, तो बिक्री की तारीख से तीन साल के भीतर निर्माण पूरा होना चाहिए। यह छूट अधिकतम ₹10 करोड़ तक के पुनर्निवेश पर उपलब्ध है।

                  JANUARY 31, 2026 / 1:44 PM IST

                  Budget 2026 Expectations Live: निवेशकों में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स दरों में कटौती की उम्मीद

                  AssetPlus के सीईओ और सह-संस्थापक विश्रांत सुरेश के अनुसार, दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स संरचना का तर्कसंगत होना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इक्विटी पर LTCG टैक्स को वर्तमान 12.5% से घटाकर पुनः 10% किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सालाना टैक्स-फ्री छूट की सीमा को वर्तमान ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करने की मांग की जा रही है। इन बदलावों से न केवल निवेशकों का 'पोस्ट-टैक्स' रिटर्न बेहतर होगा, बल्कि बाजार के सेंटिमेंट में भी सुधार होगा। यह कदम निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय लंबे समय तक निवेशित रहने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी।

                    JANUARY 31, 2026 / 1:33 PM IST

                    Budget 2026 Expectations Live: क्या होता है सेक्शन 87A रिबेट में?

                    सेक्शन 87A आयकर अधिनियम के तहत मिलने वाली एक ऐसी राहत है, जो कम आय वाले निवासी व्यक्तियों के टैक्स को शून्य कर देती है। बजट 2025 के बाद के वर्तमान नियमों के अनुसार, नई टैक्स रिजीम में अगर आपकी सालाना आय ₹12 लाख तक है, तो आपको ₹60,000 तक की रिबेट मिलती है, जिससे आपका प्रभावी टैक्स शून्य हो जाता है। वहीं, पुरानी टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए यह लाभ केवल ₹5 लाख तक की आय पर उपलब्ध है, जिसमें अधिकतम ₹12,500 की रिबेट दी जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह रिबेट केवल 'निवासी भारतीय' के लिए है और अगर आपकी आय निर्धारित सीमा से ₹1 भी अधिक होती है, तो आप इस पूरी रिबेट का लाभ खो देते हैं और आपको स्लैब के अनुसार टैक्स देना पड़ता है।

                      JANUARY 31, 2026 / 1:25 PM IST

                      Budget 2026 Expectations Live: लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए पूरी तरह खत्म हो STT

                      सायरिल अमरचंद मंगलदास के टैक्स हेड और पार्टनर एस.आर. पटनायक के अनुसार, रिटेल निवेशक बजट 2026 में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को पूरी तरह हटाने की उम्मीद कर रहे हैं। वर्तमान में कैपिटल गेन्स टैक्स और ब्रोकरेज के साथ STT की परतें निवेश की लागत को काफी बढ़ा देती हैं, जिससे छोटे निवेशकों की भागीदारी प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार STT हटा देती है, तो न केवल ट्रांजैक्शन लागत कम होगी, बल्कि बाजार में लिक्विडिटी भी बढ़ेगी। यह कदम सामान्य निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा और शेयर बाजार में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारतीय प्रतिभूति बाजार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

                        JANUARY 31, 2026 / 1:17 PM IST

                        Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में 39% के उच्चतम टैक्स रेट की समीक्षा और 80C की सीमा बढ़ाने की मांग

                        बजट 2026 के करीब आते ही व्यक्तिगत करदाताओं और वित्तीय विशेषज्ञों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई टैक्स रिजीम को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए सरकार को न केवल टैक्स स्लैब, बल्कि 'सुपर रिच' पर लगने वाले उच्चतम कर की दरों पर भी विचार करना चाहिए। वर्तमान में भारत में उच्चतम प्रभावी टैक्स रेट 39% (सर्चार्ज के साथ) है, जिसे घटाकर 35.88% करने का सुझाव दिया गया है ताकि यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और तर्कसंगत बन सके।

                          JANUARY 31, 2026 / 12:53 PM IST

                          Budget 2026 Expectations Live: रिटायरमेंट फंड्स पर टैक्स की सच्चाई क्या है?

                          आम धारणा के विपरीत भारत में NPS, EPF और सुपरएनुएशन जैसे रिटायरमेंट निवेश पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं हैं। वर्तमान नियमों के तहत नियोक्ताओं द्वारा इन फंड्स में ₹7.5 लाख से अधिक के वार्षिक योगदान और EPF में कर्मचारी के ₹2.5 लाख से अधिक के अंशदान पर मिलने वाले ब्याज को टैक्स के दायरे में रखा गया है। इसके अलावा, रिटायरमेंट के समय NPS और सुपरएनुएशन से मिलने वाली मासिक पेंशन आपकी आय में जुड़ती है और स्लैब दर के अनुसार उस पर टैक्स देना पड़ता है, जो मध्यम आय वर्ग के लिए 'दोहरी मार' जैसा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये सीमाएं अब पुरानी हो चुकी हैं और बजट 2026 में इन नियमों को अपडेट करना अनिवार्य है ताकि बचतकर्ताओं को निवेश के लिए सही प्रोत्साहन मिले और वे अपनी मेहनत की कमाई पर बार-बार टैक्स देने से बच सकें।

                            JANUARY 31, 2026 / 12:28 PM IST

                            Budget 2026 Expectations Live: क्या है सेक्शन 80D? इसके क्या है लाभ

                            भारतीय आयकर अधिनियम की धारा 80D व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर कर कटौती का दावा करने की अनुमति देती है। यह लाभ केवल स्वयं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता के लिए खरीदे गए बीमा पर भी मिलता है। इस धारा की खास बात यह है कि इसमें न केवल नियमित स्वास्थ्य बीमा और 'टॉप-अप' प्लान शामिल हैं, बल्कि प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए खर्च किए गए ₹5,000 तक की राशि पर भी कटौती का लाभ उठाया जा सकता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, सामान्य नागरिकों के लिए ₹25,000 और वरिष्ठ नागरिकों (माता-पिता) के लिए ₹50,000 तक की कुल कटौती सीमा निर्धारित है, जिससे एक करदाता सालाना ₹75,000 से ₹1,00,000 तक की कुल आय को कर-मुक्त बना सकता है।

                              JANUARY 31, 2026 / 12:21 PM IST

                              Budget 2026 Expectations Live: प्राइवेट सेक्टर में NPS कटौती अनिवार्य करने का प्रस्ताव, करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगी पेंशन सुरक्षा

                              SBI रिसर्च की बजट 2026-27 रिपोर्ट में एक क्रांतिकारी बदलाव का सुझाव दिया गया है, जिसके तहत 100 या 200 से अधिक कर्मचारियों वाली प्राइवेट कंपनियों के लिए NPS कटौती को अनिवार्य बनाया जा सकता है। यह व्यवस्था काफी हद तक EPF के समान होगी, लेकिन NPS का ढांचा अधिक लचीला और बेहतर रिटर्न देने वाला होने के कारण कर्मचारियों को रिटायरमेंट प्लानिंग के बेहतरीन विकल्प मिलेंगे। इसके अलावा, रिपोर्ट में EPFO और NPS के बीच इंटरऑपरेबिलिटी की भी सिफारिश की गई है, जिससे कर्मचारी नौकरी बदलते समय अपने EPF और NPS खातों को आसानी से समेकित कर सकेंगे। भारत की बदलती जनसांख्यिकी को देखते हुए, एक न्यूनतम पेंशन गारंटी और सुव्यवस्थित पेंशन प्रणाली असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित सभी के लिए बुनियादी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

                                JANUARY 31, 2026 / 11:59 AM IST

                                Budget 2026 Expectations Live: कहां और कैसे देखें बजट का सीधा प्रसारण?

                                केंद्रीय बजट 2026 का सीधा प्रसारण कल, 1 फरवरी को सुबह 11:00 बजे से शुरू होगा। अगर आप वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण लाइव देखना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर सकते हैं:

                                संसद टीवी: यूट्यूब चैनल और टीवी पर लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही का लाइव फीड कई भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।

                                दूरदर्शन: नेशनल चैनल पर विशेषज्ञों के विश्लेषण के साथ सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।

                                आधिकारिक वेबसाइट: indiabudget.gov.in पर जाकर आप न केवल वीडियो देख सकते हैं, बल्कि बजट के पूरे दस्तावेज (PDF) भी डाउनलोड कर सकते हैं।

                                सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म: वित्त मंत्रालय और PIB के आधिकारिक फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पेजों पर भी लाइव फीड होस्ट किया जाएगा।

                                  JANUARY 31, 2026 / 11:51 AM IST

                                  Budget 2026 Expectations Live: कल सुबह 11 बजे पेश होगा देश का बजट, इन सेक्टर्स पर रहेगी नजर

                                  केंद्रीय बजट 2026 कल, 1 फरवरी को सुबह 11:00 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। इस साल का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार रविवार को पेश हो रहा है और यह वित्त मंत्री सीतारमण का लगातार नौवां बजट भाषण होगा। बजट में सरकार का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमोबाइल, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर रहेगा। साथ ही, कृषि, एमएसएमई (MSME), रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके और शहरी विकास को नई दिशा मिल सके।

                                    JANUARY 31, 2026 / 11:39 AM IST

                                    Budget 2026 Expectations Live: 'तात्कालिक राहत से दीर्घकालिक वित्तीय मजबूती की ओर बढ़ें'

                                    पुणे स्थित वित्तीय सलाहकार किरण गांधी के अनुसार, आगामी बजट का दृष्टिकोण अल्पकालिक राहत के बजाय दीर्घकालिक वित्तीय मजबूती पर आधारित होना चाहिए। उनका मानना है कि सरकार को बुनियादी कर छूट बढ़ाकर, करों को तर्कसंगत बनाकर और रिटायरमेंट व स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत कर मध्यम वर्ग की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि पूंजी बाजार को निरंतरता और स्थिरता की आवश्यकता है, न कि अचानक मिलने वाले झटकों या 'सरप्राइज' की। उनके अनुसार, बजट का उद्देश्य अनुशासित निवेश, वित्तीय साक्षरता और संपत्ति सृजन को प्रोत्साहित करना होना चाहिए।

                                      JANUARY 31, 2026 / 11:35 AM IST

                                      Budget 2026 Expectations Live: कल सुबह 11 बजे पेश होगा देश का बजट, इन सेक्टर्स पर रहेगी नजर

                                      केंद्रीय बजट 2026 कल, 1 फरवरी को सुबह 11:00 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। इस साल का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार रविवार को पेश हो रहा है और यह वित्त मंत्री सीतारमण का लगातार नौवां बजट भाषण होगा। बजट में सरकार का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमोबाइल, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर रहेगा। साथ ही, कृषि, एमएसएमई (MSME), रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके और शहरी विकास को नई दिशा मिल सके।

                                        JANUARY 31, 2026 / 11:02 AM IST

                                        Budget 2026 Expectations Live: स्वास्थ्य बीमा को मुख्य वित्तीय हथियार बनाने पर जोर, टैक्स में राहत की उम्मीद

                                        स्टेवेल हेल्थ के सह-संस्थापक अरुण राममूर्ति के अनुसार, चिकित्सा लागतों में भारी वृद्धि के बावजूद मध्यम वर्गीय परिवार अभी भी स्वास्थ्य बीमा का पर्याप्त उपयोग नहीं कर रहे हैं। बजट 2026 इस अंतर को पाटने का एक सुनहरा अवसर है, जिसमें स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाले टैक्स लाभ (Section 80D) को बढ़ाकर परिवारों को पर्याप्त कवर लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो न केवल बीमारी के इलाज, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल को भी बढ़ावा दें। अगर सरकार इन प्रोत्साहनों को बढ़ाती है, तो यह स्वास्थ्य बीमा को निवेश के एक आवश्यक साधन के रूप में स्थापित करेगा, जिससे आम जनता को वित्तीय सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य दोनों मिल सकेंगे।

                                          JANUARY 31, 2026 / 10:45 AM IST

                                          Budget 2026 Expectations Live: टैक्स सेविंग FD का लॉक-इन पीरियड घटकर हो सकता है 3 साल

                                          SBI रिसर्च ने अपनी बजट सिफारिशों में सुझाव दिया है कि बैंकों में जमा राशि बढ़ाने के लिए टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की लॉक-इन अवधि को म्यूचुअल फंड के ELSS के बराबर यानी 3 साल किया जाना चाहिए। वर्तमान में आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट पाने के लिए बैंक FD में कम से कम 5 साल का लॉक-इन अनिवार्य है, जबकि समान टैक्स लाभ वाले ELSS में यह अवधि केवल 3 साल है। लॉक-इन पीरियड में यह 2 साल का अंतर निवेशकों को जोखिम भरे होने के बावजूद ELSS की ओर अधिक आकर्षित करता है। अगर सरकार इस अवधि को घटाकर 3 साल कर देती है, तो बैंक FD फिर से प्रतिस्पर्धी बन जाएंगी और सुरक्षित निवेश चाहने वाले मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।

                                            JANUARY 31, 2026 / 10:34 AM IST

                                            Budget 2026 Expectations Live: कृषि भूमि बिक्री पर टैक्स छूट के नियमों में ढील की उम्मीद

                                            टैक्समैन की बजट 2026 उम्मीदों की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस बार किसानों और कृषि भूमि स्वामियों को 'कैपिटल गेन्स' छूट का दावा करने के नियमों में अधिक लचीलापन दे सकती है। वर्तमान में धारा 83 के तहत एक विसंगति यह है कि अगर कोई किसान पुरानी कृषि भूमि बेचने से पहले ही नई जमीन खरीद लेता है, तो उसे टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता। यह नियम किसानों को जमीन बेचने तक इंतजार करने के लिए मजबूर करता है, जिससे अक्सर उनके हाथ से जमीन खरीदने के अच्छे अवसर निकल जाते हैं। बजट में इस मनमानी पाबंदी को हटाने की उम्मीद की जा रही है, ताकि किसान पुरानी जमीन बेचने से पहले भी नई जमीन खरीद सकें और फिर भी टैक्स छूट के पात्र बने रहें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति की योजना बनाना और निवेश करना बहुत आसान हो जाएगा।

                                              JANUARY 31, 2026 / 10:16 AM IST

                                              Budget 2026 Expectations Live: क्या है कैपिटल गेन्स अकाउंट स्कीम?

                                              कैपिटल गेन्स अकाउंट स्कीम (CGAS) की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 1988 में उन करदाताओं की मदद के लिए की गई थी, जो अपने लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) को दोबारा निवेश कर टैक्स छूट का लाभ उठाना चाहते हैं। अक्सर ऐसी स्थिति बनती है जब निवेश की प्रक्रिया इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि तक पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में करदाता अपनी अप्रयुक्त पूंजी को इस विशेष खाते में जमा कर सकते हैं और धारा 54 से 54GB के तहत मिलने वाली छूट के पात्र बने रह सकते हैं। इस खाते में जमा की गई राशि को छूट के उद्देश्य से सीधा पुनर्निवेश ही माना जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह योजना केवल लॉन्ग-टर्म गेन्स पर लागू होती है, शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) पर इसका लाभ नहीं मिलता है।

                                                JANUARY 31, 2026 / 10:09 AM IST

                                                Budget 2026 Expectations Live: STT में बढ़ोतरी की आशंका से डरे ट्रेडर्स, मोतीलाल ओसवाल की चेतावनी

                                                शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में एक और बढ़ोतरी को लेकर डर बना हुआ है। मोतीलाल ओसवाल की बजट 2026 उम्मीदों की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ बजटों में STT में लगातार वृद्धि के बाद अब बाजार भागीदार इसमें किसी भी तरह के बदलाव न होने की उम्मीद कर रहे हैं। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि यदि STT की दरें फिर से बढ़ाई जाती हैं, तो इसका सबसे ज्यादा नकारात्मक असर BSE, एंजेल वन और ग्रो जैसे ब्रोकर्स और एक्सचेंजों के सेंटिमेंट पर पड़ेगा। हालांकि इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम पर बहुत बड़ा प्रभाव न पड़े, लेकिन यह हर छोटे रिटेल ट्रेडर के मुनाफे को सीधे तौर पर चोट पहुंचाएगा, जिससे बाजार में पार्टिसिपेशन कम हो सकती है।

                                                  JANUARY 31, 2026 / 9:57 AM IST

                                                  Budget 2026 Expectations Live: इकोनॉमिक सर्वे में 7.2% की विकास दर का अनुमान और मजबूत अर्थव्यवस्था के संकेत

                                                  संसद में 29 जनवरी को पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2027 (FY27) में 6.8% से 7.2% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जिसे मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स और निरंतर नियामक सुधारों से समर्थन मिल रहा है। सर्वे में बताया गया है कि हालांकि वित्त वर्ष 2027 में 'कोर' और 'हेडलाइन' मुद्रास्फीति की दरें पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी अधिक रह सकती हैं, लेकिन यह चिंता का विषय नहीं होगा। राजकोषीय स्थिति पर नजर डालें तो नवंबर 2025 तक भारत का राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 62.3% रहा है, और सरकार ने वित्त वर्ष 2026 तक इसे जीडीपी के 4.4% के लक्ष्य तक लाने का संकल्प दोहराया है।

                                                    JANUARY 31, 2026 / 9:39 AM IST

                                                    Budget 2026 Expectations Live: बजट 2025 में आयकर में क्या बड़े बदलाव हुए थे?

                                                    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पिछले बजट में की गई ऐतिहासिक घोषणाओं के तहत नई टैक्स रिजीम को मध्यम वर्ग के लिए अत्यधिक आकर्षक बना दिया गया था, जिसमें ₹12 लाख तक की सालाना आय को प्रभावी रूप से कर-मुक्त कर दिया गया। वेतनभोगी करदाताओं के लिए ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल करने के बाद यह सीमा बढ़कर ₹12.75 लाख हो गई, जिससे इस आय वर्ग के करोड़ों लोगों की कर देयता शून्य हो गई। इसके साथ ही, टैक्स स्लैब्स के पुनर्गठन और धारा 87A के तहत रिबेट को ₹60,000 तक बढ़ाने जैसे कदमों ने कर प्रक्रिया को सरल बनाने और नागरिकों की 'डिस्पोजेबल इनकम' बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

                                                      JANUARY 31, 2026 / 9:25 AM IST

                                                      Budget 2026 Expectations Live: टैक्स स्लैब में बदलाव और 'इंफ्लेशन इंडेक्सिंग' की उठ रही मांग

                                                      विभवांगल अनुकूलकरा प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मौर्य के अनुसार, बजट 2026 में मध्यम और उच्च-मध्यम आय वर्ग पर बढ़ते कर के बोझ को कम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने मांग की है कि नई टैक्स रिजीम के तहत टैक्स स्लैब को और अधिक तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए ताकि कर का बोझ सीधे तौर पर आय के स्तर के अनुपात में हो।

                                                        JANUARY 31, 2026 / 9:18 AM IST

                                                        Budget 2026 Expectations Live: GST और इनकम टैक्स में राहत से मिलेगी खपत को नई रफ्तार

                                                        हाल के कर सुधारों और बजट 2025 में दी गई प्रत्यक्ष कर राहत का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था की खपत पर दिखने लगा है। बजाज ब्रोकिंग की बजट उम्मीदों की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी बजट 2026 में सरकार का मुख्य फोकस दो मोर्चों पर रहेगा: पहला, करों में राहत देकर जनता के हाथों में अधिक पैसा छोड़ना और दूसरा, भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने के लक्ष्य को और गति देना।

                                                          JANUARY 31, 2026 / 8:54 AM IST

                                                          Budget 2026 Expectations Live: टैक्स राहत, ग्रामीण विकास और हाउसिंग पर खर्च से बढ़ेगी खपत

                                                          विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू खर्च सीधे तौर पर आय की स्पष्टता और आवास गतिविधियों से जुड़ा होता है। एजिट सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के रिसर्च हेड सिद्धार्थ भामरे के अनुसार, पिछले एक साल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के बोझ में की गई कटौती ने पहले ही कंज्यूमर सेक्टर के लिए एक सहायक के रूप में काम किया है। आगामी बजट में सरकार का ध्यान रोजगार सृजन और ग्रामीण आय बढ़ाने पर केंद्रित रहने की संभावना है।

                                                            JANUARY 31, 2026 / 8:47 AM IST

                                                            Budget 2026 Expectations Live: कस्टम ड्यूटी क्या होता है?

                                                            कस्टम ड्यूटी वह अप्रत्यक्ष कर है जो उन वस्तुओं पर लगाया जाता है जिन्हें दूसरे देशों से भारत में आयात किया जाता है या कभी-कभी भारत से बाहर निर्यात किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल सरकार के लिए राजस्व जुटाना है, बल्कि देश के घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना भी है।

                                                              JANUARY 31, 2026 / 8:36 AM IST

                                                              Budget 2026 Expectations Live: 'फिस्कल डिसिप्लिन' पर रहेगा जोर, बड़े कर सुधारों की उम्मीद कम

                                                              बजट 2026 से पहले आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सरकार नई टैक्स राहतों के बजाय राजकोषीय अनुशासन को प्राथमिकता दे सकती है। सैंक्टम वेल्थ के इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स हेड आलेख यादव के अनुसार, सरकार और RBI पहले ही व्यक्तिगत आयकर में कटौती, GST युक्तिकरण, 8वें वेतन आयोग को लागू करने और ब्याज दरों में कमी जैसे बड़े कदम उठा चुके हैं ताकि खपत और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। ऐसे में आगामी बजट के 'बिजनेस एज यूजुअल' रहने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि इसमें किसी बहुत बड़ी या चौंकाने वाली घोषणा के बजाय मौजूदा नीतियों को मजबूत करने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

                                                                JANUARY 31, 2026 / 8:16 AM IST

                                                                Budget 2026 Expectations Live: बजट कब और कहां देखें लाइव?

                                                                आप वित्त मंत्री का भाषण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे दूरदर्शन, संसद टीवी और विभिन्न समाचार चैनलों पर लाइव देख सकते हैं। इसके साथ ही आप यूट्यूब पर भी लाइव बजट का प्रसारण देख सकते हैं। बजट की पूरी डिजिटल कॉपी 'Union Budget Mobile App' पर भी उपलब्ध होगी।

                                                                  JANUARY 31, 2026 / 8:01 AM IST

                                                                  Budget 2026 Expectations Live: वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्तों की क्या है डिमांड?

                                                                  वरिष्ठ नागरिक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से मिलने वाली ब्याज आय पर उच्च कर छूट और पेंशन आय पर बेहतर टैक्स ट्रीटमेंट की उम्मीद कर रहे हैं। उनके लिए सुरक्षित और उच्च रिटर्न वाले निवेश विकल्पों के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं।

                                                                    JANUARY 31, 2026 / 7:44 AM IST

                                                                    Budget 2026 Expectations Live: रियल एस्टेट और होम लोन में राहत की उम्मीद

                                                                    पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए होम लोन के ब्याज पर कटौती सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही है। इसके अलावा, टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए HRA छूट के नियमों में बदलाव और 'अफोर्डेबल हाउसिंग' के लिए नए प्रोत्साहनों की उम्मीद की जा रही है।

                                                                      JANUARY 31, 2026 / 7:40 AM IST

                                                                      Budget 2026 Expectations Live: स्वास्थ्य और मेडिकल खर्च बढ़ाने की हो रही डिमांड

                                                                      बढ़ती मेडिकल लागत को देखते हुए, Section 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली कटौती की सीमा बढ़ाने की प्रबल संभावना है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा खर्चों पर अतिरिक्त राहत की मांग की जा रही है ताकि मेडिकल महंगाई से उन्हें सुरक्षित किया जा सके।

                                                                        JANUARY 31, 2026 / 7:30 AM IST

                                                                        Budget 2026 Expectations Live: निवेश, बचत और LTCG पर रियायत की उम्मीद

                                                                        शेयर बाजार के निवेशकों के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स-फ्री सीमा को ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करने की चर्चा है। इसके अलावा, निवेशक डेट म्यूचुअल फंड्स पर 'इंडेक्सेशन बेनिफिट्स' की बहाली और Section 80C के तहत निवेश सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि सेवानिवृत्ति के लिए अधिक बचत की जा सके।

                                                                          JANUARY 31, 2026 / 7:27 AM IST

                                                                          Budget 2026 Expectations Live: आयकर में राहत और स्टैंडर्ड डिडक्शन की मांग

                                                                          मध्यम आय वर्ग के लोग महंगाई के बढ़ते बोझ को देखते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन को वर्तमान ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, करदाताओं की नजर ₹12 लाख से ₹20 लाख वाले स्लैब के पुनर्गठन पर है। चूंकि 72% से अधिक करदाता 'न्यू टैक्स रिजीम' अपना चुके हैं, इसलिए सरकार इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ नई रियायतें दे सकती है, जबकि 'पुरानी व्यवस्था' को भी फिलहाल जारी रखा जा सकता है।

                                                                            JANUARY 31, 2026 / 7:25 AM IST

                                                                            Budget 2026 Expectations Live

                                                                            मनीकंट्रोल के बजट स्पेशल लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है