Budget 2026 Expectations: यह इतिहास में सिर्फ दूसरा मौका होगा जब रविवार के दिन बजट पेश किया जा रहा है। इससे पहले 1999 में ऐसा हुआ था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी, जो प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट होगा
Budget 2026 Expectations: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा और 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। सत्र दो चरणों में विभाजित होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद मंत्रालयों की अनुदान मांगों की समीक्षा के लिए अवकाश रहेगा। दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर
Budget 2026 Expectations: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा और 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। सत्र दो चरणों में विभाजित होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद मंत्रालयों की अनुदान मांगों की समीक्षा के लिए अवकाश रहेगा। दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को संपन्न होगा। इस दौरान राष्ट्रपति का अभिभाषण और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी।
इस बार 1 फरवरी को रविवार होने के कारण बजट की तारीख को लेकर सस्पेंस बना हुआ था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को ही बजट पेश करेंगी।
पहले भी रविवार को पेश हो चुका है बजट
28 फरवरी 1999 को तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन ही बजट पेश किया था। आमतौर पर, बजट की तारीख का अंतिम निर्णय 'संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति' (CCPA) द्वारा लिया जाता है। बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के संयुक्त संबोधन से होती है, जिसके बाद आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है और फिर मुख्य बजट दस्तावेज सदन के पटल पर रखा जाता है।
बजट पूर्व बैठकें और राज्यों की उम्मीदें
बजट सत्र से पहले 10 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस प्री-बजट मीटिंग में राज्यों ने बुनियादी ढांचे के लिए अधिक धन, GST मुआवजे और विकास योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता की मांग की है। सरकार का लक्ष्य इस बजट के माध्यम से 'विकसित भारत 2047' के विजन को मजबूती देना है। विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि इस बजट में मध्यम वर्ग के लिए टैक्स राहत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाले बड़े ऐलान हो सकते हैं।