Budget 2026 Expectations: आगामी बजट 2026-27 के लिए मध्यम आय वर्ग के करदाताओं और विशेषज्ञों की सबसे प्रमुख मांग धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट की सीमा को बढ़ाना है। वर्तमान में यह सीमा ₹1.5 लाख पर स्थिर है, जो आखिरी बार 2014 में बदली गई थी। पिछले 12 वर्षों में महंगाई और जीवन यापन की लागत में भारी वृद्धि को देखते हुए, विभिन्न उद्योग निकायों जैसे 'अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स' ने इस सीमा को बढ़ाकर ₹3 लाख से ₹3.5 लाख करने का सुझाव दिया है
Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट 2026-27 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह भारत की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी जिन्होंने लगातार इतनी बार बजट पेश किया है। यह बजट न केवल मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट है, बल्कि यह पहली बार
Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट 2026-27 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह भारत की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी जिन्होंने लगातार इतनी बार बजट पेश किया है। यह बजट न केवल मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट है, बल्कि यह पहली बार रविवार के दिन पेश किया जाएगा। मध्यम वर्ग, कॉर्पोरेट जगत और निवेशक इस बार के बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
प्रमुख उद्योग और सेक्टर्स की उम्मीदें
इस बार के बजट में 'एंटरप्राइज टेक' और डिजिटल बुनियादी ढांचे को सबसे अधिक प्राथमिकता मिलने की संभावना है। टेक दिग्गजों ने मांग की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स को 'राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे' का दर्जा दिया जाए। इससे इस क्षेत्र को सस्ता कर्ज और आसान नियम मिल सकेंगे। बढ़ते डिजिटल खतरों को देखते हुए, साइबर सुरक्षा ढांचे के लिए विशेष आवंटन और स्वदेशी सुरक्षा समाधानों के लिए PLI स्कीम के विस्तार की उम्मीद है। इसके साथ ही लघु उद्योगों ने जटिल जीएसटी संरचना को सरल बनाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट के त्वरित रिफंड की मांग की है ताकि नकदी प्रवाह बना रहे।
वैश्विक संकट के बीच आएगा बजट
बजट 2026 ऐसे समय में आ रहा है जब भारत को वैश्विक व्यापारिक तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50% टैरिफ और रुपये की गिरती कीमत ने निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है। बजट में निर्यात विविधीकरण के लिए नए प्रोत्साहनों की घोषणा हो सकती है। निवेश फर्मों ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की छूट सीमा को ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करने का सुझाव दिया है। वहीं, वेतनभोगी वर्ग को 'नई टैक्स व्यवस्था' (New Tax Regime) के तहत स्लैब में और रियायत मिलने की उम्मीद है।