Budget 2026 Expectations: कैपिटल एक्सपेंडिचर में हो सकती है 11-13% की बढ़ोतरी, US टैरिफ से परेशान सेक्टर्स को मिल सकती है राहत

Budget 2026 Expectations: इक्वेंटिस वेल्थ के जसप्रीत सिंह अरोड़ा ने कहा कि बार के यूनियन बजट में रिफॉर्म पर ज्यादा फोकस होने की संभावना है, हालांकि इसमें कुछ टाइट फिस्कल प्रावधान देखने को मिल सकते हैं

अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 1:25 PM
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Budget Expectations : बाजार को इस साल किसी बड़े राहत पैकेज की उम्मीद नहीं है। हमें ज़्यादा टारगेटेड राहत की उम्मीद है। बजट में ट्रंप टैरिफ की वजह से मुश्किल में पड़े MSMEs और एक्सपोर्ट वाले सेक्टर्स के लिए खास टैक्स क्रेडिट और इंसेंटिव दिए जाने की उम्मीद है

Budget 2026 Expectations : इक्वेंटिस वेल्थ एडवाइजरी सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर जसप्रीत सिंह अरोड़ा को एक "कंटिन्यूटी बजट" की उम्मीद है जो पहले से चल रहे कामों को और मज़बूत करेगा। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इसका मतलब है इस बार कैपिटल खर्च में 11-13 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है और AI और सेमीकंडक्टर के लिए बेहतर इंसेंटिव के ज़रिए भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनाने पर फोकस जारी रह सकता है। इसके साथ ही PLI स्कीम के ज़रिए डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, न्यूक्लियर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे सनराइज़ इंडस्ट्रीज़ को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।

उनका यह भी कहना है कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) फरवरी की पॉलिसी में पूरी तरह से मॉनेटरी ईज़िंग के बजाय लिक्विडिटी सपोर्ट और रेट ट्रांसमिशन को प्राथमिकता दे सकता है। आरबीआई के हाल के कदम पहले से ही इसी दिशा में इशारा कर रहे हैं।

बजट में रिफॉर्म पर होगा फोकस


जसप्रीत सिंह अरोड़ा की राय है कि वित्त मंत्री इस बार के केंद्रीय बजट में रिफॉर्म पर फोकस करेंगी। हालांकि, फिस्कल डिसिप्लिन बना रहेगा। उम्मीद है कि सरकार आगे फिस्कल कंसोलिडेशन (घाटे को GDP के 4.4% के करीब रखना) में नरमी लाएगी और खर्च को कैपेक्स और डेवलपमेंट खर्च की तरफ मोड़ेगी। बजट में कैपेक्स ग्रोथ लो टीन डिजिट में होगी और डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी ट्रांजिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज़रूरी मिनरल्स के लिए ज़्यादा आवंटन किया जाएगा।

PLI में विस्तार पर होने की संभावना

इस बार सुधारों का फोकस डीरेगुलेशन,बिज़नेस करने में आसानी,PSU विनिवेश,क्रेडिट-गारंटी स्कीम और AI,रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में PLI के विस्तार पर होने की संभावना है। सरकार का ज़ोर बड़े टैक्स छूट देने के बजाय प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने पर है। कुल मिलाकर, हम एक व्यावहारिक,सुधार-आधारित बजट की उम्मीद कर सकते हैं जिसका लक्ष्य शॉर्ट-टर्म गेन के बजाय मीडियम-टर्म प्रोडक्टिविटी और इन्वेस्टमेंट बढ़ाना हो सकता है।

कैपिटल खर्च में 11-13 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद

भारत FY27 में मज़बूत ग्रोथ की संभावना के साथ प्रवेश कर रहा है। FY26 में अब तक 7.4% रियल GDP ग्रोथ और लगभग 2% की स्थिर महंगाई देखने को मिली है। ऐसे में हमें एक "कंटिन्यूटी बजट" की उम्मीद है जो पहले से चल रहे कामों को और मज़बूत करेगा। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इसका मतलब है इस बार कैपिटल खर्च में 11-13 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है और AI और सेमीकंडक्टर के लिए बेहतर इंसेंटिव के ज़रिए भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनाने पर फोकस जारी रह सकता है। इसके साथ ही PLI स्कीम के ज़रिए डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, न्यूक्लियर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे सनराइज़ इंडस्ट्रीज़ को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।

सरकार की प्राथमिकता लॉन्ग-टर्म हेल्थ को मजबूती देना

सरकार की प्राथमिकता लॉन्ग-टर्म हेल्थ को मजबूती देना है। उसका लक्ष्य है कि FY31 तक डेट टू जीडीपी अनुपात को मौजूदा 81% से घटाकर लगभग 50% किया जाए, जिसमें FY27 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.4% हो सकता है।

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बाजार को इस साल किसी बड़े राहत पैकेज की उम्मीद नहीं

बाजार को इस साल किसी बड़े राहत पैकेज की उम्मीद नहीं है। हमें ज़्यादा टारगेटेड राहत की उम्मीद है। बजट में ट्रंप टैरिफ की वजह से मुश्किल में पड़े MSMEs और एक्सपोर्ट वाले सेक्टर्स के लिए खास टैक्स क्रेडिट और इंसेंटिव दिए जाने की उम्मीद है।

इस बात को ध्यान में रखें कि बजट एक बड़ी तस्वीर का छोटा हिस्सा है। घरेलू बिज़नेस को टैरिफ़ वॉर से बचाने के लिए,सरकार पहले से ही "डाइवर्सिफ़ाई और डिफ़ेंड" स्ट्रैटेजी अपना रही है। इसमें UK और ओमान जैसे पार्टनर देशों के साथ ट्रेड डील को तेज़ी से पूरा करना और EU से होने वाला ट्रेड समझौता शामिल है। इससे USA पर हमारी निर्भरता को कम किया जा सकता है। इसके अलावा,टैरिफ़ के असर को कम करने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (25,060 करोड़ रुपये का खर्च) भी शुरू किया जा रहा है।

 

 

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