Budget 2026 Live: बजट में किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?
ऐसा माना जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026-27 के भाषण में ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को सबसे ऊपर रखा गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार कई बड़े ऐलान कर सकती है।
मैन्यफैक्चरिंग को मिलेगी नई शक्ति
सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया का 'मैन्युफैक्चरिंग हब' बनाना है। इसके लिए:
PLI स्कीम्स का विस्तार: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) का दायरा बढ़ाकर इसमें और अधिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है ताकि घरेलू उत्पादन बढ़े।
नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन: छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को 'मेक इन इंडिया' के तहत मजबूती देने के लिए एक नए मिशन की शुरुआत की गई है।
कस्टम ड्यूटी में रियायत: मोबाइल फोन पार्ट्स, लिथियम-आयन बैटरी और ईवी (EV) घटकों के लिए आवश्यक मशीनरी पर सीमा शुल्क कम किया गया है, ताकि उत्पादन लागत घट सके।
रोजगार और कौशल विकास
नौकरीपेशा युवाओं और पहली बार काम शुरू करने वालों के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं:
एप्प्रेंटिसशिप पर जोर: युवाओं को कंपनियों में ट्रेनिंग (On-Job Training) दिलाने के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है। सरकार का लक्ष्य 13 लाख से अधिक प्रशिक्षुओं को जोड़ने का है।
PM-SETU योजना: ITIs को आधुनिक बनाने के लिए ₹60,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीक की शिक्षा मिल सके।
श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बढ़ावा: कपड़ा (Textile), चमड़ा (Leather) और फुटवियर जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज दिए गए हैं क्योंकि ये क्षेत्र सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करते हैं।
MSME सेक्टर के लिए बड़ा सहारा
छोटे उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने हेतु सरकार ने ये कदम उठाए हैं:
क्रेडिट गारंटी: सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ किया गया है।
सस्ता कर्ज: तकनीक को अपग्रेड करने के लिए MSMEs को आसान दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
डिजिटल समाधान: छोटे व्यापारियों के लिए सरकारी नियमों का पालन करना आसान बनाने हेतु डिजिटल प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश
निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) यानी बुनियादी ढांचे पर खर्च को बढ़ाना जारी रखा है। सड़कों, रेलवे और लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण से न केवल व्यापार आसान होगा, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान लाखों अकुशल श्रमिकों को काम मिलेगा।