Budget 2025 - इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग बजट 2025 में चाहता है आयात शुल्क में कटौती और इंसेंटिव

Budget 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ने महत्वपूर्ण रियायतों का अनुरोध किया है। इंडस्ट्री ने मोबाइल फोन बनाने में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क कम करने की मांग की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इंडक्टर कॉइल्स, माइक्रोफोन और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA) जैसे कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है

अपडेटेड Dec 28, 2024 पर 10:09 AM
इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ने टैरिफ में कटौती के अलावा अनिवार्य टेस्टिंग और प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन पर सब्सिडी की मांग भी की है

Budget 2025 - इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ने आगामी बजट 2025 (Budget 2025) में महत्वपूर्ण रियायतों का अनुरोध किया है। उद्योग द्वारा विशेष रूप से मोबाइल फोन बनाने में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख कंपोनेंट्स पर कम आयात शुल्क के रूप में रियायत मांगी गई है। उद्योग ने टैरिफ में कटौती का आह्वान इसलिए किया है क्योंकि इस सेक्टर को चीन और वियतनाम जैसे अपने प्रतिद्वंदियों की तुलना में अधिक आयात शुल्क भरना पड़ता है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इंडक्टर कॉइल्स, माइक्रोफोन और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA) जैसे कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है। फोन निर्माताओं ने विशेष रूप से माइक्रोफोन, रिसीवर, स्पीकर और फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली पर शुल्क में 15 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक कटौती का प्रस्ताव दिया है। ईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली के हिस्सों पर 2.5 प्रतिशत शुल्क को खत्म करने की भी मांग की है।

इंडस्ट्री के मुताबिक मोबाइल फोन इनपुट पर भारत का प्रभावी टैरिफ 7 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत तक है। ये चीन और वियतनाम की तुलना में काफी अधिक है। 26 दिसंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) के साथ बजट पूर्व बैठक के दौरान ये मुद्दे उठाए गए थे।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने भी एक सरल टैरिफ स्ट्रक्चर की सिफारिश की है। इसमें इनपुट और सब-पार्ट के शुल्क-मुक्त आयात, कुछ कंपोनेंट पार्ट पर 5 प्रतिशत शुल्क और सब-असेंबली और कंपोनेंट्स पर 10% टैरिफ की वकालत की गई है। ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।


हालांकि मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सका है।

टैरिफ में कटौती के अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ने अनिवार्य टेस्टिंग और प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन पर सब्सिडी की मांग की है। इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ELCINA) ने सुझाव दिया है कि सरकार को MSME कंपनियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए, टेस्टिंग क्षमता बढ़ानी और रियायती टेस्टिग और सर्टिफिकेशन सुविधाएं स्थापित करनी चाहिए।

इसके अलावा, ईटी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इंडस्ट्री ने कंपोनेंट्स सेक्टर में नए उद्यम लगाने को प्रोत्साहित करने के लिए मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत कॉर्पोरेट टैक्स छूट को 31 मार्च, 2029 तक बढ़ाने पर जोर दिया है। ELCINA ने कंपोनेंट्स के लिए मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर के निर्माण का समर्थन करने के लिए एक डेडीकेटेड इंसेंटिव पैकेज का भी प्रस्ताव दिया है।

 

 

 

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