नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के निवेशकों के लिए टैक्स-छूट बढ़ने जा रही है। इसका ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट में करेंगी। सरकार ने 2004 में एनपीएस की शुरुआत की थी। 2009 में यह स्कीम आम लोगों के लिए ओपन कर दी गई है। यह बेस्ट रिटायरमेंट स्कीम है। लेकिन, इसमें आम लोगों की ज्यादा दिलचस्पी देखने को नहीं मिली है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार अगर एनपीएस में टैक्स बेनेफिट बढ़ाती है तो इसमें लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।
दो तरह से मिलता है टैक्स-बेनेफिट
अभी एनपीएस (NPS) में सब्सक्राइबर्स को दो तरह से टैक्स बेनेफिट उपलब्ध है। नौकरी करने वाले लोगों के मामले में एंप्लॉयी एनपीएस अकाउंट में अपनी बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का 10 फीसदी तक कंट्रिब्यूट कर डिडक्शन का दावा कर सकता है। एंप्लॉयी को इनकम टैक्स के सेक्शन 80CCD(1) के तहत यह टैक्स बेनेफिट मिलता है। वह खुद के कंट्रिब्यूशन पर एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन का दावा कर सकता है।
1.5 लाख तक के कंट्रिब्यूशन पर डिडक्शन
एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के एनपीएस अकाउंट में बेसिक सैलरी (प्लस डीए) के 10 फीसदी तक कंट्रिब्यूशन कर सकता है। गवर्नमेंट एंप्लॉयीज के मामले में यह एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन के लिए बेसिक सैलरी (प्लस डीए) के 14 फीसदी की लिमिट तय है। इसकी इजाजत इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सीसीडी (2) में है। यह सेक्शन 80सीसीडी(1) के तहत 1.5 लाख रुपये तक के एंप्लॉयी के कंट्रिब्यूशन पर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट से अलग है।
एंप्लॉयर भी एनपीएस अकाउंट में करता है कंट्रिब्यूट
पिछले साल जुलाई में पेश यूनियन बजट में सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के एंप्लॉयीज के मामले में एनपीएस अकाउंट में एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन को 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया था। यह सिर्फ न्यू रीजीम के टैक्सपेयर्स के लिए किया गया था। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को पुरानी रीजीम के टैक्सपेयर्स को भी इसका फायदा देना चाहिए।
यह भी पढ़ें: Budget 2025 Expectations: इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदना होगा आसान, सरकार करेगी ये 3 बड़े ऐलान
एंप्लॉयी को 50000 का अतिरिक्त डिडक्शन
इनकम टैक्स के सेक्शन 80सीसीडी (1बी) के तहत एनपीएस में 50,000 रुपये तक के कंट्रिब्यूशन पर अतिरिक्त डिडक्शन मिलता है। लेकिन, यह डिडक्शन इनकम टैक्स की सिर्फ ओल्ड रीजीम के तहत मिलता है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में इस डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को यूनियन बजट में नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को भी इस डिडक्शन का फायदा देना चाहिए। इससे एनपीएस में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।