सरकार का बड़ा फैसला; सोने, चांदी, प्लैटिनम के प्रोडक्ट्स के आयात पर लगाईं पाबंदियां

कुछ इंपोर्टर भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे ड्यूटी में अंतर का फायदा उठाकर और टैरिफ से बचकर जल्दी पैसा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत और आसियान के बीच सामान के व्यापार पर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 2010 से लागू है

अपडेटेड Apr 03, 2026 पर 10:43 AM
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सरकार 1 अप्रैल 2026 से सोना, चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी के आयात पर भी इसी तरह की पाबंदी लगा चुकी है।

भारत सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध वाली शर्तें लगा दी हैं। मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की एक अधिसूचना के मुताबिक, ये अंकुश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। यह रोक पहले से किए गए सौदों, एडवांस पेमेंट, शिपमेंट की स्थिति जैसी किसी भी शर्त के बावजूद लागू होगी। इसके साथ ही, ट्रांजीशनल अरेंजमेंट्स का फायदा भी उपलब्ध नहीं होगा।

यह भी कहा है कि जो यूनिट्स 100% एक्सपोर्ट (निर्यात) के लिए काम करती हैं और जो यूनिट्स स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में स्थित हैं, उनके द्वारा किए गए आयात पर पाबंदियां लागू नहीं होंगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि चैप्टर 71 के तहत आने वाले उत्पादों की आयात नीति में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया गया है। इस चैप्टर में प्राकृतिक या संवर्धित (cultured) मोती, कीमती या अर्द्ध-कीमती पत्थर, कीमती धातुएं, कीमती धातुओं से जड़े उत्पाद, आभूषण, इमीटेशन ज्वेलरी और सिक्के शामिल हैं।

सरकार 1 अप्रैल 2026 से सोना, चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी के आयात पर भी इसी तरह की पाबंदी लगा चुकी है। सोना, चांदी और प्लैटिनम से बनी ज्वेलरी का आयात करने के लिए DGFT से लाइसेंस या पूर्व-अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अब नए कदम के साथ इन कीमती धातुओं से जुड़े सभी तरह के उत्पादों के आयात को भी अंकुश की श्रेणी में डाल दिया गया है।


FTA का कैसे उठाया जा रहा गलत फायदा

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उद्योग सूत्रों का कहना है कि कुछ आयातक यानि इंपोर्टर भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे ड्यूटी में अंतर का फायदा उठाकर और टैरिफ से बचकर जल्दी पैसा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा वे थाइलैंड जैसे देशों से बिना जेम्स-स्टोन वाली ज्वेलरी के नाम पर कीमती धातुओं का आयात कर रहे हैं। उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार को लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, ताकि ईमानदार और अच्छे कारोबारी इस कदम से प्रभावित न हों।

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भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समूह आसियान के बीच सामान के व्यापार पर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 2010 से लागू है। पिछले साल नवंबर में सरकार ने कुछ खास तरह की प्लैटिनम ज्वेलरी के आयात पर अप्रैल 2026 तक के लिए रोक लगा दी थी। सितंबर 2025 में चांदी की ज्वेलरी पर भी इसी तरह की रोक मार्च 2026 तक के लिए लगाई गई थी।

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