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Middle East Crisis: प्रभावित निर्यातकों की मदद के लिए आगे आई सरकार, ₹497 करोड़ की RELIEF स्कीम पेश

RELIEF स्कीम के लिए भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम को इंप्लीमेंटिंग एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। स्कीम विशेष रूप से उन 17-18 भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने वाले निर्यातकों पर केंद्रित है, जो इजरायल-यूएस और ईरान के बीच संघर्ष से प्रभावित हुए हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 19, 2026 पर 3:35 PM
Middle East Crisis: प्रभावित निर्यातकों की मदद के लिए आगे आई सरकार, ₹497 करोड़ की RELIEF स्कीम पेश
विभिन्न सरकारी विभागों को शामिल करते हुए एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी बनाया गया है।

सरकार पश्चिम एशिया में इजरायल-यूएस और ईरान के बीच जारी जंग के कारण व्यवधान झेल रहे निर्यातकों को राहत देने के लिए आगे आई है। सरकार ने गुरुवार को 497 करोड़ रुपये के आउटले वाली ‘रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन’ (RELIEF) योजना की शुरुआत की। वाणिज्य मंत्रालय में सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत एक नई योजना की घोषणा कर रहे हैं। यह विशेष रूप से उन 17-18 भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने वाले निर्यातकों पर केंद्रित है, जो इजरायल-यूएस और ईरान के बीच संघर्ष से प्रभावित हुए हैं। इसका मकसद उनके सामने आ रही चुनौतियों को कम करना है।’’

उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों को शामिल करते हुए एक अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) भी बनाया गया है। जैसे कि वाणिज्य मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पोर्ट्स एंड शिपिंग, वित्तीय सेवा विभाग, विदेश मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) आदि। यह IMG माल ढुलाई की स्थिति के आधार पर विकसित हो रहे हालात का आकलन करने के लिए हर रोज मीटिंग करेगा।

राहत योजना के तहत पैकेज में क्या उपाय

RELIEF स्कीम के लिए ECGC (भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम) को इंप्लीमेंटिंग एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। राहत योजना के तहत पैकेज में निर्यात दायित्वों का ऑटोमेटिक तरीके से एक्सटेंशन, लॉजिस्टिक संबंधी मदद और खेप में देरी को मैनेज करने के लिए संभावित वित्तीय उपाय शामिल किए गए हैं। यह योजना मुख्य रूप से उन खेप या कंसाइनमेंट्स को कवर करती है, जिनकी डिलीवरी संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान, बहरीन, ईराक, ईरान, इजरायल और यमन जैसे देशों को होती है या जो वहां से होकर गुजरते हैं।

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