अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 2026-2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 10 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। हालांकि, उसने 2027-2028 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 2026-2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 10 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। हालांकि, उसने 2027-2028 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।
इकोनॉमी पर दो तरह से पड़ रहा निगेटिव असर
IMF के इंडिया और भूटान के लिए सीनियर रेजिडेंट रिप्रजेंटेटिव रानिल सालगाडो ने रायटर्स को दिए इंटरव्यू में 20 जुलाई को कहा, "गिरावट का रिस्क दो तरह से है। लड़ाई फिर से शुरू हो गई है। इसका असर ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है।" पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ऑयल टैंकर की आवाजाही पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशों की वजह से क्रूड की कीमतों में बीते दो दिनों में थोड़ी नरमी आई है। लेकिन, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ऑयल टैंकर्स की आवाजाही नहीं होने से ऑयल की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। अब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के लिए तेल के रास्ते बंद करने की धमकी दी है।
IMF के अनुमान में कमजोर मानसून का असर शामिल नहीं
सालगाडो ने कहा कि फिर से लड़ाई भड़कती दिख रही है, जिसका असर ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस महीने IMF ने जीडीपी ग्रोथ को लेकर जो अनुमान व्यक्त किया है, उसमें कमजोर मानसून का असर शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, "अल-नीनी की वजह से मानसून में बारिश कमजोर रह सकती है।"
इस बार मानसून की बारिश सामान्य से कम रहेगी
इस साल मानसून देर से आया। जुलाई में इसमें कुछ रिकवरी दिखी, लेकिन आगे देखना होगा कि बारिश कितनी होती है। सालगाडो ने कहा कि आईएमएफ स्टैटिस्टिक्स डिपार्टमेंट के रिवाइज्ड 2322/23 जीडीपी बेस ईयर के आधार पर बैक सीरीज जारी करने के बाद भारत में सरकार की वित्तीय सेहत का आकलन करेगा। इसके इस साल के अंत तक आने की उम्मीद है।
मध्यपूर्व में लड़ाई से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी
इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। उसके बाद क्रूड की कीमतों में उछाल आया था। एक समय कीमत बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था। हालांकि, दोनों पक्षों में संघर्षविराम के समझौते के बाद लड़ाई थमी थी। लेकिन. यह फिर से शुरू हो गई है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10 दिन हमला किया है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।