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IMF ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया, क्रूड में उछाल का इकोनॉमी पर पड़ रहा असर

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशों की वजह से क्रूड की कीमतों में बीते दो दिनों में थोड़ी नरमी आई है। लेकिन, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ऑयल टैंकर्स की आवाजाही नहीं होने से ऑयल की कीमतों पर दबाव दिख रहा है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jul 21, 2026 पर 2:44 PM
IMF ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया, क्रूड में उछाल का इकोनॉमी पर पड़ रहा असर
IMF ने 2027-2028 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 2026-2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 10 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। हालांकि, उसने 2027-2028 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।

इकोनॉमी पर दो तरह से पड़ रहा निगेटिव असर

IMF के इंडिया और भूटान के लिए सीनियर रेजिडेंट रिप्रजेंटेटिव रानिल सालगाडो ने रायटर्स को दिए इंटरव्यू में 20 जुलाई को कहा, "गिरावट का रिस्क दो तरह से है। लड़ाई फिर से शुरू हो गई है। इसका असर ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है।" पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।

स्ट्रेट ऑफ  होर्मुज के रास्ते ऑयल टैंकर की आवाजाही पर असर 

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