अक्टूबर महीने में देश का व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़कर 41.68 अरब डॉलर हो गया। निर्यात 11.8 प्रतिशत घटकर 34.38 अरब डॉलर रहा। वहीं आयात 16.63 प्रतिशत बढ़कर 76.06 अरब डॉलर हो गया। यह बात 17 नवंबर को जारी सरकारी आंकड़ों से सामने आई है। व्यापार घाटा निर्यात (Export) और आयात (Import) के बीच का अंतर होता है। अगर आयात, निर्यात से ज्यादा होता है तो ट्रेड डेफिसिट की स्थिति बनती है। वहीं निर्यात के आयात से ज्यादा होने पर ट्रेड सरप्लस की स्थिति बनती है।
सोने और चांदी के आयात में बढ़ोतरी से देश के कुल आयात में इजाफा दर्ज किया गया। अक्टूबर में भारत का सोने का आयात बढ़कर 14.72 अरब डॉलर हो गया। एक साल पहले इसी महीने में यह 4.92 अरब डॉलर था।
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल का कहना है कि भारत से अमेरिका को अक्टूबर में निर्यात घटकर 6.3 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 6.9 अरब डॉलर था। अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान देश का निर्यात 0.63 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 254.25 अरब डॉलर हो गया। इस बीच आयात 6.37 प्रतिशत बढ़कर 451.08 अरब डॉलर हो गया।
जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट घटा
इससे पहले खबर आई थी कि देश का रत्न और आभूषण निर्यात (जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट) अक्टूबर में सालाना आधार पर 30.57 प्रतिशत घटकर 216.80 करोड़ डॉलर (19,172.890 करोड़ रुपये) रह गया। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद (GJEPC) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में इस क्षेत्र का कुल निर्यात 3,12.25 करोड़ डॉलर (26,237.1 करोड़ रुपये) रहा था। अमेरिकी टैरिफ लागू होने के कारण मांग समय से पहले आ जाने से अक्टूबर में कुल निर्यात में गिरावट आई। त्योहारों के लिए ज्यादातर स्टॉक 27 अगस्त से पहले ही जमा कर लिया गया था। इसलिए अक्टूबर में मांग कम रही। GJEPC को नवंबर में निर्यात में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसकी वजह है कि चीन के बाजार धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं और अन्य प्रमुख बाजारों में क्रिसमस की मांग होगी।