टैक्स रेवेन्यू और विनिवेश से होने वाली कमाई में गिरावट आ सकती है और केंद्र सरकार को कुल खर्च में कटौती करनी पड़ सकती है। फिर भले ही नॉमिनल GDP बजट में लगाए गए अनुमान से ज्यादा हो। अथशास्त्रियों का मानना है कि अगर सरकार को पूरे साल के लिए राजकोषीय घाटे के GDP के 4.4 प्रतिशत पर रहने के लक्ष्य को पूरा करना है तो खर्च में कटौती करनी होगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "सरकार इस साल राजकोषीय घाटे के 4.4 प्रतिशत (GDP का) लक्ष्य पर कायम रहना चाहेगी, भले ही कुछ खर्चों को मैनेज करना पड़े।"
