RBI Dividend 2025: आज आरबीआई सरकार को देगा बंपर डिविडेंड का तोहफा, सरकार को मिल सकते हैं 3 लाख करोड़

RBI Dividend 2025: आज आरबीआई के बोर्ड की बैठक होने वाली है। इसमें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार के डिविडेंड पर फैसला होगा। अनुमान है कि इस बार आरबीआई वित्त वर्ष 2023-24 के मुकाबले काफी ज्यादा डिविडेंड का ऐलान कर सकता है। FY24 में आरबीआई ने सरकार को 2.1 लाख करोड़ का डिविडेंड दिया था

अपडेटेड May 23, 2025 पर 11:21 AM
इस साल 1 फरवरी को पेश यूनियन बजट में सरकार ने आरबीआई और दूसरे सरकारी फाइनेंशियल इस्टीट्यूशंस से 2.56 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड का अनुमान लगाया था।

आरबीआई 23 मई यानी आज सरकार के लिए डिविडेंड का ऐलान करेगा। आरबीआई के बोर्ड की बैठक होगी, जिसके बाद डिविडेंड का ऐलान होगा। अनुमान है कि केंद्रीय बैंक सरकार के लिए बंपर डिविडेंड का ऐलान करेगा। यह वित्त वर्ष 2023-24 के 2.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। ज्यादा डिविडेंड सरकार के लिए अच्छी खबर होगी। इससे सरकार को मार्केट से कम उधार लेना पड़ेगा। यह फिस्कल डेफिसिट के लिहाज से भी पॉजिटिव है।

आरबीआई सरकार को क्यों डिविडेंड देता है?

RBI सरकार के लिए एक बैंक का काम करता है। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए उसे पैसे का मैनेजमेंट भी करना पड़ता है। इसके लिए RBI कई तरह के ऑपरेशन कंडक्ट करता है। इससे उसे मुनाफा होता है, जिसे फाइनेंस की भाषा में सरप्लस (Surplus) कहा जाता है। आरबीआई हर साल इस सरप्लस का एक हिस्सा सरकार को ट्रांसफर करता है, जिसे डिविडेंड कहा जाता है।


डिविडेंड के लिए क्या नियम है?

केंद्रीय बैंक यह ट्रांसफर इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) के तहत करता है, जिसमें 2019 में संशोधन किया गया था। यह संशोधन एक समिति की सिफारिश पर किया गया था, जिसके प्रमुख आरबीआई के पूर्व गवर्नर विमल जलान थे। ECF के मुताबिक, आरबीआई के लिए कंटिजेंट रिस्क बफर (CRB) के तहत एक खास स्तर के रिस्क के लिए प्रोविजनिंग करनी पड़ती है। यह आरबीआई की बैलेंसशीट का 6.5 से 5.5 फीसदी हो सकता है। आरबीआई इस प्रोविजनिंग के बाद जो पैसा बचता है, उसे सरकार को ट्रांसफर कर सकता है।

आरबीआई को कैसे इनकम होती है?

आरबीआई को कई तरह से इनकम होती है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सरकार के बॉन्ड्स और ट्रेजरी बिल्स पर मिलने वाले इंटरेस्ट की होती है। दूसरा, RBI को विदेशी मुद्रा भंडार से रिटर्न मिलता है। केंद्रीय बैंक इस रिटर्न को सुरक्षित माने जाने वाले विदेशी एसेट्स में इनवेस्ट करता है। इस पर आरबीआई को कैपिटल गेंस होता है। हाल में आरबीआई ने गोल्ड में अपना निवेश बढ़ाया है। पिछले कुछ महीनों में गोल्ड की कीमतों में उछाल आया है। इससे आरबीआई को फायदा हुआ है।

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आरबीआई ओपन मार्केट में सरकारी बॉन्ड्स की बिक्री और खरीद भी करता है। इसे ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) कहा जाता है। इससे आरबीआई को ट्रेडिंग इनकम होती है। खासकर इंटरेस्ट रेट में उतारचढ़ाव बढ़ने पर उसे ज्यादा इनकम होती है। इसके अलावा आरबीआई सरकार और दूसरे बैंकों को जो बैंकिंग सर्विसेज देता है, उस पर फीस लेता है। इससे भी उसे इनकम होती है।

आरबीआई कितने डिविडेंड का ऐलान कर सकता है?

इस साल 1 फरवरी को पेश यूनियन बजट में सरकार ने आरबीआई और दूसरे सरकारी फाइनेंशियल इस्टीट्यूशंस से 2.56 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड का अनुमान लगाया था। लेकिन, खबरों के मुताबिक सरकार को इस बार आरबीआई से काफी ज्यादा डिविडेंड मिल सकता है। यह 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। यह डिविडेंड वित्त वर्ष 2024-25 के लिए होगा।

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