शेयर मार्केट को आज यानि 6 जून की पॉलिसी मीटिंग में इंटरेस्ट रेट कम से कम एक चौथाई फीसदी घटने की उम्मीद है। इसके साथ ही मॉनेटरी पॉलिसी में केंद्रीय बैंक नियमों में कुछ बड़े बदलाव का भी ऐलान कर सकता है। उदाहरण के लिए आरबीआई की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी एनबीएफसी के लिए अलग नियम होंगे, जो आम लोगों से डिपॉजिट नहीं लेती हैं। आरबीआई फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की मिससेलिंग को रोकने के लिए गाइडलाइंस का भी ऐलान कर सकता है।
KYC प्रोसेस की नई गाइडलाइन आ सकती है
RBI नो योर कस्टमर (KYC) प्रोसेस के लिए भी नए निर्देश पेश कर सकता है। केंद्रीय बैंक इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग से जुड़े नियमों की भी समीक्षा कर रहा है। इस बारे में भी नई गाइडलाइन आ सकती है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि केंद्रीय बैंक प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग ड्रॉफ्ट के नियमों पर मिले फीडबैक की समीक्षा कर रहा है। इसके बाद ड्राफ्ट में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। आरबीआई Basel III के मानकों को लागू करने के अंतिम चरण में है। इसमें क्रेडिट रिस्क, काउंटर पार्टी रिस्क के लिए स्टैंडर्ड नियम शामिल किए जाएंगे।
डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट को होगा विस्तार
मार्केट रिस्क और अपडेटेड पिलर 3 डिसक्लोजर से जुड़ी फाइनल गाइडलाइन भी आने वाली है। बेसल 3 के तहत बैंकों के अपनी फाइनेंशियल हेल्थ, रिस्क मैनेजमेंट और कैपिटल एडक्वेसी के बारे में पब्लिक डिसक्लोजर करने होंगे। बेसल 3 मानकों की शुरुआत 2010 में हुई थी। 2008 की फाइनेंशियल क्राइसिस से सबक लेकर इसे शुरू किया गया था। केंद्रीय बैंक सभी तरह के को-लेंडिंग अरैंजमेंट्स के लिए ड्राफ्ट फ्रेमवर्क जारी कर सकता है। आरबीआआई ने अपने प्रस्ताव पर 9 अप्रैल, 2025 को आम लोगों की राय मांगी थी। 29 मई को जारी एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय बैंक की तरफ से चलाए जा रहे डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोग्राम का भी विस्तार किया जाएगा।
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6 जून को आएगी आरबीआई की मॉनटरी पॉलिसी
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 4 जून को शुरू होगी। 4 और 5 मार्च को चर्चा के बाद केंद्रीय बैंक 6 जून की सुबह एमपीसी के फैसलों के बारे में बताएगा। अनुमान है कि आरबीआई इस साल तीसरी बार इंटरेस्ट रेट में कमी करेगा। इससे पहले आरबीआई इस साल दो बार रेपो रेट में कमी कर चुका है। पहली बार उसने फरवरी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स कम किया था। फिर अप्रैल में उसने रेपो रेट एक चौथाई फीसदी कम किया था। इससे रेपो रेट इस साल की शुरुआत में 6.5 फीसदी से घटकर 6 फीसदी पर आ गया है।