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RBI MPC Meet: मौद्रिक नीति पर मीटिंग आज, 5 अक्टूबर से; रेपो रेट बढ़ेगी या 5वीं बार रहेगी जस की तस?

RBI MPC Meet: मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में आखिरी बार बढ़ोतरी फरवरी, 2023 में की थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान रेपो रेट को जस का तस रखा गया और फिर 2025 में कटौती का चक्र शुरू किया गया। अगस्त 2026 की मीटिंग में रेपो रेट को लगातार चौथी बार बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Oct 05, 2026 पर 8:29 AM
RBI MPC Meet: मौद्रिक नीति पर मीटिंग आज, 5 अक्टूबर से; रेपो रेट बढ़ेगी या 5वीं बार रहेगी जस की तस?
विशेषज्ञों को काफी हद तक उम्मीद है कि RBI वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने GDP वृद्धि अनुमान को बढ़ाएगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अक्टूबर की मीटिंग आज, 5 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इसके फैसले 7 अक्टूबर को सामने आएंगे। अर्थशास्त्रियों और बैंक अधिकारियों का मानना है पश्चिम एशिया संकट के दोबारा गहराने से पैदा हुए महंगाई के दबाव के बीच रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। अगस्त की मीटिंग में रेपो रेट को लगातार चौथी बार बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, 16 अर्थशास्त्रियों और वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के एक सर्वेक्षण के अनुसार अगर नीतिगत समीक्षा में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में वृद्धि करता है, तो यह इंट्रेस्ट रेट पॉलिसी में एक बड़े बदलाव का संकेत होगा। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में रेपो रेट में कम से कम 2 बार बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं कुछ को पूरे वित्त वर्ष के दौरान 2 से 3 बार बढ़ोतरी की उम्मीद है।

MPC ने रेपो रेट में आखिरी बार बढ़ोतरी फरवरी, 2023 में की थी। उस वक्त दर को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत किया गया था। इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान रेपो रेट को जस का तस रखा गया और फिर 2025 में कटौती का चक्र शुरू किया गया। इस समय रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर है।

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