Best Arts Career Options after 12th: 12वीं कक्षा के बाद छात्र करियर के अगले पड़ाव के लिए आगे बढ़ते हैं। 12वीं कक्षा इंग्लिश, हिस्ट्री, ज्योग्राफी, इकोनॉमिक्स या साइकोलॉजी विषय से करने वाले छात्रों के पास भी साइंस या कॉमर्स स्ट्रीम जितने ही विकल्प होते हैं। जरूरत है, तो बस आंखें और दिमाग खोल कर सही रणनीति के साथ आगे बढ़ने की। आज की दुनिया काफी कॉम्पटीटिव है औ विकल्पों की भरमार है। ऐसे में आप जिस क्षेत्र में चाहें उसमें अपने करियर को आसमान की बुलंदी पर पहुंचा सकते हैं। यहां आज हम कुछ ऐसे ही करियर विकल्पों के बारे में बात करेंगे।
बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.): ह्यूमेनिटीज स्ट्रीम का सबसे लोकप्रिय ग्रेजुएशन प्रोग्राम है, क्योंकि इसमें आपको कई तरह की स्पेशलाइजेशन मिलती है। आप अपने पसंद के विषय चुन सकते हैं, जैसे हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, इंग्लिश, इकोनॉमिक्स, जियोग्राफी और फिलॉसफी। यह एमए, एमबीए, एमएसडब्लू, एलएलबी और सिविल सेवा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार देता है।
जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन : मीडिया और पब्लिक कम्युनिकेशन में दिलचस्पी है तो जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन आर्ट्स में एक बढ़िया करियर ऑप्शन हो सकता है। करियर के तौर पर इस फील्ड की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ी है। पॉडकास्ट, इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से यह काफी लोकप्रिय हुआ है।
लॉ (इंटीग्रेटेड BA LLB) : आर्ट्स स्ट्रीम के सबसे मशहूर और तेज बौद्धिक क्षमता वाले करियर ऑप्शन में से एक है। 12वीं आर्ट्स के बाद, छात्र तीन साल का एलएलबी या पांच साल का इंटीग्रेटेड बीए एलएलबी प्रोग्राम कर सकते हैं, जिसमें ह्यूमेनिटीज विषय को लीगल एजुकेशन के साथ जोड़ा जाता है। इसे करने के बाद कोर्टरूम प्रैक्टिस के अलावा कॉर्पोरेट लॉ, लीगल कंसल्टेंसी, ज्यूडिशियरी सर्विसेज, एकेडेमिया और पॉलिसी रिसर्च सहित कई रास्ते खुलते हैं।
फैशन डिजाइनिंग : फैशन इंडस्ट्री की तरफ झुकाव है, कपड़ों की और स्टाइल की समझ है, तो ये आपके लिए करियर का जबरदस्त और एक्साइटिंग विकल्प हो सकता है। 12वीं के बाद फैशन डिजाइन में प्रोफेशनल करियर बनाने से आपके लिए कई मौके खुल सकते हैं। ये करियर ऑप्शन छात्रों को फैशन डिजाइन के कारोबारी पहलू के बारे में जानने का मौका देता है, जिसमें पिचिंग, बजट बनाना और अपने डिजाइन से बिजनेस बनाना शामिल है।
ग्राफिक डिजाइनिंग : ग्राफिक डिजाइन आर्ट्स में एक क्रिएटिव और टेक्नोलॉजी पर आधारित करियर विकल्प है जो विजुअल कम्युनिकेशन पर फोकस करता है। बिजनेस के ब्रांडिंग और डिजिटल प्रेजेंस में भारी निवेश करने के साथ, एडवरटाइजिंग एजेंसियों, आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और मीडिया हाउस में ग्राफिक डिजाइनरों की काफी मांग है। इस क्षेत्र में डिजाइन सॉफ्टवेयर और विजुअल स्टोरीटेलिंग की जानकारी बहुत जरूरी है।
बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA): जो छात्र कॉर्पोरेट दुनिया में काम करना चाहते हैं या अपने लिए मैनेजमेंट रोल चुनते हैं, उनके लिए बीबीए बेहतरीन करियर विकल्प है। यह करिकुलम मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, ऑपरेशन्स और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे कोर बिजनेस कॉन्सेप्ट्स को इंट्रोड्यूस करता है। यह एमबीए या स्पेशलाइज्ड मैनेजमेंट सर्टिफिकेट करने के लिए एक मजबूत आधार का भी काम करता है। आर्ट्स के छात्र अक्सर मजबूत कम्युनिकेशन और एनालिटिकल स्किल्स की वजह से इसमें अच्छा परफ़ॉर्म करते हैं।
टीचिंग और एजुकेशन : ये आर्ट्स छात्रों के लिए भरोसेमंद करियर ऑप्शन में से एक है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद, छात्र बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed.) या स्पेशलाइज्ड टीचिंग सर्टिफिकेट कर सकते हैं। एजुकेशन सेक्टर अब ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुका है, जहां इसकी उतनी ही अहमियत है।
सिविल सेवा : सिविल सेवा आर्ट्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए एक बहुत ही प्रतिष्ठित करियर ऑप्शन है। इसका सिलेबस ह्यूमैनिटीज विषयों के साथ तालमेल रखता है। यूपीएससी और स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा एडमिनिस्ट्रेटिव, पुलिस और विदेश सेवा के लिए उम्मीदवारों की भर्ती करते हैं।
साइकोलॉजी : साइकोलॉजी भारत में बढ़ते हुए फील्ड्स में से एक है जो इंसानी व्यवहार, इमोशनल, कॉग्निशन और मेंटल हेल्थ को समझने पर फोकस करता है। आर्ट्स में ये करियर ऑप्शन छात्रों को 12वीं के बाद साइकोलॉजी में बीए करने और बाद में पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रम के जरिए विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करते हैं। मानसिक स्वास्थ्य मामलों के बारे में बढ़ती जागरूकता के साथ, क्लिनिकल सेटिंग्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स, कॉर्पोरेट ऑर्गनाइजजेशन्स और एनजीओ में साइकोलॉजिस्ट्स की जरूरत बढ़ी है।