Board Exam 2026 Stories of Courage: देश के कई राज्यों में हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा देने जा रहे छात्र अच्छे नंबर पाने और अपने सपनों के और करीब पहुंचने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं। उनकी मेहनत परीक्षा के बाद जारी होने वाले नतीजों में भी दिखाई देगी। लेकिन इन परीक्षाओं के बीच कुछ ऐसे कहानियां भी देखने और सुनने को मिल रही हैं, जिनसे पूरा देश प्रेरित हो रहा है। इनमें से एक कहानी है चंडीगढ़ की बेटी कनिष्का की, जो लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ एंबुलेंस से 12वीं कक्षा की परीक्षा देने पहुंची। वहीं, दूसरी कहानी यूपी के हाथरस की बेटी मान्या की है, जिसका एक हादसे में पैर कट गया। इसके बावजूद वो अपने पिता के कंधों पर बैठ कर परीक्षा देने जा रही है।
आईसीयू से एंबुलेंस से परीक्षा देने पहुंची
चंडीगढ़ की 17 साल की छात्रा कनिष्का बिष्ट जन्म से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से जूझ रही है। 30 जनवरी को कनिष्का की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे 3 फरवरी को निमोनिया होने की पुष्टि हुई। पहले से मौजूद बीमारी और नई परेशानी के बावजूद जीरकपुर की रहने वाली कनिष्का ने अपने बोर्ड परीक्षा देने का फैसला किया। वह शुक्रवार को सीबीएसई की 12वीं कक्षा की फिजिक्स की परीक्षा देने के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) से सीधे एम्बुलेंस में अपने परीक्षा केंद्र पहुंची।
ऑक्सीजन सिलेंडर और एक मेडिकल टीम की मदद से, कनिष्का को मणि माजरा के सेक्टर 13 में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (मॉडर्न कॉम्प्लेक्स) ले जाया गया। उसके पिता, प्रेम बिष्ट ने कहा कि कनिष्का ने हाल ही में जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) पास किया था और उसने बोर्ड परीक्षा देने का पक्का इरादा कर लिया था। स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन ने कनिष्का के लिए एक अलग, मेडिकल इक्विप्ड कमरे में एग्जाम देने का इंतजाम किया।
हादसे में कटा पैर तो पिता की पीठ पर पहुंची परीक्षा देने