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CBSE 12th Re-Evaluation 2026: 7 जून को आ‍धी रात तक करें अप्‍लाई, सीबीएसई ने बढ़ाई री-इवैल्‍युएशन की तारीख

CBSE 12th Re-Evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड 12वीं कक्षा के छात्र अब अपने री-वैल्‍युएशन के लिए 7 जून को आधी रात तक अप्‍लाई कर सकेंगे। बोर्ड ने छात्रों को राहत देते हुए अंक सत्‍यापन के लिए आखिरी तारीख बढ़ाने का ऐलान किया है। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 06, 2026 पर 10:42 AM
CBSE 12th Re-Evaluation 2026: 7 जून को आ‍धी रात तक करें अप्‍लाई, सीबीएसई ने बढ़ाई री-इवैल्‍युएशन की तारीख
छात्र मार्क्‍स री-इवैल्‍युएशन और वेरिफिकेशन के लिए 7 जून को आधी रात तक आवेदन कर सकते हैं।

CBSE 12th Re-Evaluation 2026: केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अंकों के सत्‍यापन और पुनर्मूल्‍यांकन कराने वाले 12वीं कक्षा के छात्रों को बड़ी राहत दी है। बड़ी संख्या में छात्रों के आवेदन और उन्‍हें आ रही तकनीकी दिक्‍कतों को देखते हुए बोर्ड ने 12वीं कक्षा की आंसर शीट के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख बढ़ाने का फैसला किया है। बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बताया कि छात्र मार्क्‍स री-इवैल्‍युएशन और वेरिफिकेशन के लिए 7 जून को आधी रात तक आवेदन कर सकते हैं।

कई छात्रों ने 2 जून को लॉन्‍च हुए सीबीएसई के पोस्‍ट-रिजल्‍ट सर्विस पोर्टल पर आंसर बुक एक्सेस करने और वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने में दिक्कतें बताई थीं। सीबीएसई ने शुक्रवार को एक्‍स पर एक पोस्ट में, बोर्ड ने कहा, "छात्रों के हित में, सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड एग्जाम के लिए वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख बढ़ाने का फैसला किया है। इससे छात्रों को प्रोसेस पूरा करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम और सपोर्ट मिलेगा।"

इसमें कहा गया है कि पिछली डेडलाइन 6 जून (आधी रात) थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 जून (आधी रात) कर दिया गया है। इसमें आगे कहा गया है, "छात्रों से रिक्वेस्ट है कि वे बदले हुए शेड्यूल पर ध्यान दें और उसी के अनुसार अपनी एप्लीकेशन जमा करें।" कुछ छात्र आधार ऑथेंटिकेट करने और पेमेंट करने में दिक्कतें बता रहे हैं, और यह देखना बाकी है कि यह दिक्कत बनी रहेगी या समय पर सॉल्व हो जाएगी। इससे सीबीएसई बोर्ड ने मंगलवार को आंसर बुक की स्कैन कॉपी के सत्‍यापन और बोर्ड परीक्षा के मूल्‍यांकन प्रक्रिया से नाखुश छात्रों के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया।

बोर्ड ने कहा था कि आंसर बुक की स्कैन की हुई कॉपी में दिक्कतों के वेरिफिकेशन के लिए, छात्र पेज गायब होने, सप्लीमेंट्री शीट गायब होने, मैप या ग्राफ गायब होने, पेज धुंधले होने, गलत आंसर बुक या किसी दूसरे प्रश्‍नपत्र सेट से इवैल्यूएशन जैसी दिक्कतों की रिपोर्ट कर सकते हैं। लेकिन, बोर्ड तब विवादों में घिर गया जब 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी आंसर शीट की स्कैन कॉपी उनकी हैंडराइटिंग से मैच नहीं कर रही थी, जिससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में पोटेंशियल मिसमैच की चिंता बढ़ गई। इस बीच, कैबिनेट सच‍िव ने सीबीएसई द्वारा ओएसएम व्‍यवस्‍था की खरीद की जांच के लिए एक मेंबर कमेटी बनाने की घोषणा की है।

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