CBSE 12th Result Discrepancies: ओएसएम सिस्टम पर उठ रहे सवालों के बीच क्या बढ़ेंगे छात्रों के नंबर? अब परीक्षकों ने किया बी कॉपियों की ऑफलाइन जांच का दावा

CBSE 12th Result Discrepancies: सीबीएसई बोर्ड के ओएसएम व्यवस्था में गड़बड़ियों के खुलासे के बीच अब परीक्षकों ने 12वीं के छात्रों की बी कॉपियों को ऑफलाइन चेक करने का दावा कर सभी को चौंका दिया है। इसके बाद छात्रों के 15 से 25 नंबर तक बढ़ने का दावा किया गया है। आइए जानें

अपडेटेड May 26, 2026 पर 2:45 PM
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बोर्ड के ओएसएम सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

CBSE 12th Result Discrepancies: सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा के छात्रों को यह शैक्षिक वर्ष कड़वे अनुभवों के लिए याद रहेगा। बोर्ड परीक्षा देने के बाद छात्रों को 13 मई, 2026 को अपना रिजल्ट प्राप्त हुआ। इसमें अपने नंबर देख कई छात्रों के होश उड़ गए। बड़ी संख्या में छात्रों ने अनुमान से कम नंबर मिलने का दावा किया। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की नाराजगी को देखते हुए बोर्ड ने ओएसएम पर भरोसा जताते हुए 21 मई से छात्रों के री-इवैलुएशन की प्रक्रिया शुरू की।

हालांकि, छात्रों की परेशानियां यहां भी खत्म नहीं हुईं। पहले पोर्टल नहीं खुला, फिर पेमेंट गेटवे ने दिक्कत की और उसके बाद कई छात्रों की जरूरत से ज्यादा फीस कट गई। बोर्ड, छात्र और अभिभावक सभी इस समस्या से जूझ रहे थे कि स्कैन आंसर शीट प्राप्त कर चुके छात्रों की नई शिकायतों ने न सिर्फ ओएसएम व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए, बल्कि बोर्ड द्वारा पूरे मामले को जिस हल्के रूप में लिया गया उसने भी चिंता में डाल दिया है। सबसे ज्यादा परेशानी में पीसीएम यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स समूह के छात्रों के बीच देखने को मिल रही है।

बोर्ड के ओएसएम सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

छात्रों की शिकायत के बाद बोर्ड की नई ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों को गलत आंसर शीट मिलने से लेकर धुंधली कॉपियां, पूरे लिखे पेज खाली मान लेना, सही जवाबों पर भी बेहद कम अंक देने जैसी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं, कई छात्रों के फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में इतने कम अंक आए कि वह आईआईटी के 75% पात्रता मानदंड से बाहर हो गए। कुछ छात्रों को अब कंपार्टमेंट परीक्षा देने की नौबत आ गई है। छात्रों का कहना है कि काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, सीटें भरती जा रही हैं और वे अभी तक यह साबित करने में लगे हैं कि उनकी कापी सही जांची भी गई थी या नहीं।

क्या बढ़ेंगे छात्रों के नंबर? बी कॉपियों की ऑफलाइन जांच का दावा

सीबीएसई पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों के खुलासे के बीच अब कापी जांच रहे परीक्षकों ने नया खुलासा किया है। परीक्षकों ने बताया कि अभी वो बहुत से छात्रों की ऑफलाइन माध्यम से बी कापियों की जांच कर रहे हैं। उनके मुताबिक ये वो कापियां है जो स्कैन ही नहीं हुई और छात्रों की इन कॉपियों का बिना मूल्यांकन ही परिणाम जारी कर दिया गया। परीक्षकों ने बताया कि बी कापी जांचने के बाद छात्रों को 15 से 25 नंबर तक बढ़े हैं।


सीबीएसई को मिली हैं छात्रों की 1000 शिकायतें

इस बीच, सीबीएसई बोर्ड ने बताया कि छात्रों की मूल्यांकन में गड़बड़ी से संबंधित कम से कम 1000 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सभी का समय से निपटारा किया जाएगा। इस साल शुरू हुई री-इवैलुएशन प्रक्रिया के तहत 12वीं के 3.87 लाख से ज्यादा छात्रों ने लगभग 11 लाख स्कैन कॉपियों के लिए आवेदन किया है। इनमें से 7.36 लाख कॉपियां भेजी जा चुकी हैं। शेष कॉपियों को भेजने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि बी कॉपियों को ऑफलाइन चेक कराया जा रहा है। बोर्ड ने एक बार फिर आएसएम व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए उसमें गड़बड़ी से इनकार किया है और इसे पूरी तरह दुरुस्त बताया है।

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