CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का 10वीं कक्षा के मैथ्स के पेपर को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब यू्ट्यूबर और एजुकेटर प्रशांत किराड ने सीबीएसई बार्ड पर आरोप लगाया है कि बोर्ड कई सेट में एक स्टैंडर्ड एग्जाम डिफिकल्टी लेवल बनाए रखने में फेल रहा। प्रशांत ने देश के राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड ने जवाब की मांगा और कहा कि बोर्ड ने पेपर सेट करते समय छात्रों के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा में पेपर का डिफिकल्टी लेवल उनकी किस्मत और रीजन पर निर्भर करता था। प्रशांत अब सीबीएसई बोर्ड के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रशांत का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, “मैं यह वीडियो खास तौर पर सीबीएसई के लिए बना रहा हूं। हम क्वेश्चन पेपर सेट करने के गलत तरीके के खिलाफ जवाब मांगने के लिए बोर्ड के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) फाइल कर रहे हैं। पहले, यह क्लास 10 बोर्ड एग्जाम के साथ हुआ था, जहां कुछ सेट आसान थे, जबकि दूसरों के लिए जेईई मेन और एडवांस्ड-लेवल की नॉलेज की जरूरत थी। अब, यही बात क्लास 12 फिजिक्स पेपर के साथ हुई है। यह उन छात्रों के लिए बहुत गलत है जो दिन-रात पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन फिर भी उन्हें मुश्किल क्वेश्चन पेपर मिलता है, जबकि दूसरों के लिए यह बिना ज्यादा मेहनत के आसान हो जाता है।”
उन्होंने बिना डिफिकल्टी लेवल देखे इतने सारे सेट बनाने की जरूरत पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक, बोर्ड सालों से कई सेट बना रहा है, लेकिन किसी ने भी एक ही एग्जाम के कई सेट के डिफिकल्टी लेवल में इतना बड़ा अंतर नहीं देखा। उन्होंने सीबीएसई से इस संबंध में एक आधिकारिक वक्तव्य जारी करने की मांग करने के साथ ही छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने या शिक्षकों द्वारा पेपर चेकिंग में नरम रुख अपनाने की भी मांग की। इस वीडियो पर प्रशांत को छात्रों से काफी समर्थन मिला है। वीडियो के कमेंट सेक्शन में छात्र न सिर्फ प्रशांत का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि सीबीएसई अधिकारियों से इस कदम को पुन: न दोहराने की अपील भी कर रहे हैं।
प्रशांत स्टूडेंट्स को आसान और समझने में आसान फॉर्मेट में कंटेंट देने से पहले घंटों रिसर्च करते हैं। उनकी मेहनत उनके सभी कामों में दिखती है, चाहे वह एजुकेशनल वीडियो हो, मोटिवेशनल वीडियो हो, फ्री ऑनलाइन मटीरियल हो, या कोई किताब लिखना हो।