CBSE Class 12 Results Controversy: खराब रिजल्ट के आरोपों पर सीबीएसई ने दी सफाई, जानिए ओएसएम पर बोर्ड ने क्या कहा

CBSE Class 12 Results Controversy: इस साल सीबीएसई बोर्ड 12वीं कक्षा के रिजल्ट को पिछले कुछ सालों में सबसे खराब रिजल्ट बताया जा रहा है। बोर्ड ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर स्पष्टिकरण जारी किया है। आइए जानें बोर्ड ने इसमें क्या कहा है

अपडेटेड May 16, 2026 पर 11:55 AM
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सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 के लिए री-इवैल्यूएशन प्रोसेस 19 मई से शुरू होगा।

CBSE Class 12th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षिक सत्र 2025-26 का 12वीं कक्षा का रिजल्ट हाल ही में घोषित किया है। इस साल के सीबीएसई के कक्षा 12 का पास प्रतिशत घटकर 85.2% रहा है, जो पिछले सात सालों में सबसे कम है। इसके बाद से सीबीएसई के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने इसके लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) को जिम्मेदार ठहराते हुए नाराजगी जाहिर की थी। बोर्ड ने अपने एक्स, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया हैंडल पर ओएसएम का बचाव करते हुए इस पूरे विवाद पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है।

सीबीएसई बोर्ड ने इस साल से 12वीं कक्षा के छात्रों की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है। इस साल 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों, अभिभावकों और टीचरों ने खराब नंबरों के लिए ओएसएम को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथेमेटिक्स में अचानक आए बहुत कम मार्क्स को लेकर चिंता जताई। कुछ छात्रों ने दावा किया कि जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बावजूद, वे सीबीएसई की परीक्षा में फेल हो गए हैं।

सीबीएसई ने ओएसएम का किया बचाव


इस मामले में बोर्ड ने डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि ओएसएम व्यवस्था मूल्यांकन में पारदर्शिता, निश्पक्षता और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। बोर्ड के मुताबिक, डिजिटल चेकिंग यह पक्का करता है कि छात्रों को स्टेप-वाइज सही तरीके से मार्क्स दिए जाएं और असेसमेंट के दौरान मैनुअल गलतियों की संभावना कम हो।

सीबीएसई 12वीं 2026 का रिजल्ट पिछले 7 साल में सबसे कम

सीबीएसई 12वीं 2026 का पास परसेंटेज गिरकर 85.2% हो गया, जो पिछले सात सालों में सबसे कम प्रदर्शन है। बोर्ड के पास क्राइटेरिया में साफ तौर पर लिखा है कि छात्रों को किसी विषय में पास होने के लिए थ्योरी और प्रैक्टिकल एग्जाम में अलग-अलग कम से कम 33% मार्क्स लाने होंगे।

12वीं रीवैल्यूएशन 2026 19 मई से शुरू होगा

सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 के लिए री-इवैल्यूएशन प्रोसेस 19 मई से शुरू होगा। जिन छात्रों को लगता है कि उनके नंबर उम्मीद से कम हैं, उन्हें पहले अपनी मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की फोटोकॉपी के लिए आवेदन करना होगा। कॉपियों को रिव्यू करने के बाद, छात्र खास आंसरों के वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। बोर्ड ने कैंडिडेट्स को ऑफिशियल डेडलाइन के अंदर प्रोसेस पूरा करने और जरूरी एप्लीकेशन फीस देने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि री-इवैल्यूएशन के दौरान मिली गड़बड़ी के सुधार के लिए कार्रवाई की जाएगी।

फेल छात्रों के पास है कंपार्टमेंट का विकल्प

सीबीएसई परीक्षा नियमों के अनुसार, जो छात्र एक विषय में फेल हो जाते हैं, वे भी कम्पार्टमेंट एग्जाम के लिए योग्य हो सकते हैं, बशर्ते वे पास होने के दूसरे क्राइटेरिया की शर्तों को पूरा करते हों। बोर्ड जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर री-इवैल्यूएशन के लिए डिटेल्ड शेड्यूल और फीस स्ट्रक्चर जारी करेगा।

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