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CBSE Class 9 R3 evaluation: तीसरी भाषा का मूल्यांकन सिर्फ लिखने-पढ़ने पर नहीं बोलने और सुनने के आधार पर होगा, जानें कैसे मिलेंगे नंबर

CBSE Class 9 R3 evaluation: सीबीएसई बोर्ड ने हाल ही में कक्षा 9 के छात्रों को तीन भाषा नियम में राहत दी है। बोर्ड ने इस सत्र में तीसरी भाषा के मूल्यांकन को लेकर नियम तय कर दिए हैं। इस विषय का मूल्यांकन सिर्फ लिखने और पढ़ने के आधार पर नहीं बोलने, सुनने और समझने के आधार पर किया जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 04, 2026 पर 12:04 PM
CBSE Class 9 R3 evaluation: तीसरी भाषा का मूल्यांकन सिर्फ लिखने-पढ़ने पर नहीं बोलने और सुनने के आधार पर होगा, जानें कैसे मिलेंगे नंबर
बोर्ड ने R3 के मूल्यांकन में 15 अंकों का प्रोजेक्ट वर्क भी अनिवार्य किया है।

CBSE Class 9 R3 evaluation: सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों के लिए यह बड़ा और अहम अपडेट है। बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से 9वीं कक्षा में नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत 3 भाषा नियम लागू किया है। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा नौ की तीसरी भाषा (आर-3) के लिए नया असेसमेंट फ्रेमवर्क लागू कर दिया है। बोर्ड ने मूल्यांकन के नियम तय किए हैं, जिसके तहत तीसरी भाषा में लिखने-पढ़ने की बजाय बोलने और सुनने में सर्वाधिक अंक मिलेंगे।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया स्कूल स्तर पर ही की जाएगी। इसके तहत विभिन्न स्तर पर छात्रों का मूल्यांकन पूरे साल किया जाएगा। सीबीएसई के अनुसार यह पाठ्यक्रम एनसीईआरटी ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों में भाषा को पहले सुनकर समझने और बोलने का आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि वे स्वाभाविक रूप से भाषा का प्रयोग कर सकें। सीबीएसई ने बताया है कि आर3 भाषा के लर्निंग रिसोर्स एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और सभी संबद्ध स्कूलों से इन्हें कक्षा शिक्षण में शामिल करने को कहा गया है।

R3 मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने अपनाई ‘ओरल फर्स्ट पेडागोजी’

बोर्ड ने 9वीं कक्षा में R3 के मूल्यांकन के लिए ‘ओरल-फर्स्ट पेडागोजी’ (मौखिक-प्रथम शिक्षण पद्धति) को अपनाया है। इसके 100 अंकों का स्कूल-आधारित मूल्यांकन किया जाएगा। 9वीं कक्षा के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में सर्वाधिक 40 अंक सुनने और बोलने के कौशल के लिए जाएंगे। वहीं, तीसरी भाषा पढ़ने के कौशल के लिए 20 अंक रखे गए हैं। जबकि, रचनात्मक लेखन के लिए 15 अंक, पाठ्यपुस्तक आधारित लेखन के लिए 10 और प्रोजेक्ट वर्क के लिए 15 अंक तय किए गए हैं।

पूरे साल चलेगा सुनने और बोलने का मूल्यांकन

सीबीएसई बोर्ड की R3 के लिए बनाई गई नई व्यवस्था के तहत परीक्षार्थियों का सुनने और बोलने का मूल्यांकन पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विभिन्न कक्षा गतिविधियों के माध्यम से किया जाएगा। शिक्षकों को निर्धारित सूची में से किसी भी आठ गतिविधियों का मूल्यांकन करना होगा और प्रत्येक गतिविधि के लिए पांच अंक निर्धारित होंगे। इन गतिविधियों में सुनकर प्रश्नों के उत्तर देना, चित्र या घटना का वर्णन करना, समूह चर्चा, स्वयं एवं परिवार का परिचय देना, रोल प्ले, वाद-विवाद, दैनिक जीवन से जुड़े संवाद और अन्य मौखिक गतिविधियां शामिल हैं। यह मूल्यांकन 40 अंकों का होगा। बोर्ड ने स्कूलों को छात्रों की रुचि के अनुसार गतिविधियों का चयन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।

R3 पढ़ने और लिखने के लिए 20 नंबर तय

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