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CBSE: कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए NCERT की नई किताबें, जानें क्या होगा बदलाव का असर

CBSE Syllabus Change: नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत, अब सीबीएसई और एनसीईआरटी ने कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी छात्रों के लिए ब्रिज कोर्स को अनिवार्य कर दिया है। यह बदलाव छात्रों की समझ को बढ़ाने और उन्हें नए विषयों से जोड़ने के लिए किया गया है, जिससे उनकी शिक्षा की नींव मजबूत होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 21, 2025 पर 1:34 PM
CBSE: कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए NCERT की नई किताबें, जानें क्या होगा बदलाव का असर
CBSE Syllabus Change: सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों को नए पाठ्यक्रम को लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सीबीएसई और एनसीईआरटी ने शैक्षिक सत्र 2025-26 से स्कूल पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। अब कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी छात्रों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। ये बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों के शैक्षिक स्तर को मजबूत बनाना और उनके सीखने की प्रक्रिया को सुधारना है। ब्रिज कोर्स छात्रों को पिछले कक्षा के विषयों से जोड़ने का कार्य करेगा, ताकि वे नए और कठिन विषयों को बेहतर तरीके से समझ सकें। ये विशेष रूप से गणित, विज्ञान, भाषा और सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में मददगार साबित होगा।

क्योंकि इन विषयों में अक्सर छात्रों को कंफ्यूजन और कठिनाई होती है। ब्रिज कोर्स के माध्यम से छात्र पुराने विषयों को फिर से समझने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी नींव मजबूत होगी और वे आसानी से नई जानकारी को ग्रहण कर पाएंगे।

ब्रिज कोर्स का उद्देश्य और महत्व

ब्रिज कोर्स एक तरह से बच्चों को पिछले विषयों की समीक्षा करने का अवसर देता है, ताकि वे नए कक्षा के अध्ययन के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। ये बच्चों के माइंडसेट को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप ढालता है। इसके माध्यम से छात्रों को विभिन्न कठिन विषयों को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा, जो उनकी शिक्षण क्षमता को और बेहतर बनाएगा।

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