CBSE Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) बोर्ड के 10वीं कक्षा के छात्र अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल 10वीं कक्षा के छात्रों का रिजल्ट बेहतर रह सकता है। समझा जा रहा है कि छात्रों को रिजल्ट बेहतर बनाने में स्किल सब्जेक्ट से काफी राहत मिल सकती है। सीबीएसई बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन में से एक स्किल सब्जेक्ट का चुनाव जरूरी किया था। सीबीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए ‘मेन 5’ फॉर्मूले में से जरूरी अपडेट है।
बोर्ड ने अप्रैल 2025 में लागू एक नियम के तहत 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए कंप्यूटर एप्लिकेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी या आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस में से एक विषय चुनना अनिवार्य किया था। 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए ‘मेन 5’ फॉर्मूले के तहत अब अगर कोई छात्र साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस या भाषा के विषय में फेल हो जाता है, तो उनके नंबर पास स्किल विषय या वैकल्पिक भाषा के विषय से बदल दिए जाएंगे। अंतिम परिणाम की गणना में फेल विषयों के स्थान पर इन विषयों के नंबर जोड़े जाएंगे। इसलिए छात्रों को इस साल का रिजल्ट अच्छा रहने की उम्मीद है।
बोर्ड ने बताया कि 10वीं कक्षा के छात्रों की आंसर शीट का मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद छात्रों को मिले अंकों को मुख्य सर्वर पर अपलोड और कंपाइल करने का काम किया जा रहा है, जिसे 7 से 10 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, छात्रों की कॉपियों की एआई की मदद से रैंडम चेकिंग भी की जा रही है। एक नए प्रयोग के तहत बोर्ड इस साल 95% से ऊपर या 33% से कम नंबर पाने वाले छात्रों की कॉपियों की एआई तकनीकी पुन: जांच करा रहा है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए है कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और न ही कोई गलती से फेल हो।
मीडिया खबरों की मानें तो बोर्ड ने प्राप्त जानकारी के अनुसार बोर्ड छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल के नंबर पोर्टल पर पूरी तरह अपलोड किए जा चुके हैं। इसके बाद अब पोर्टल की लोड टेस्टिंग का काम आईटी टीम द्वारा किया जा रहा है। ऐसा करने जरूरी है, ताकि 35 लाख से ज्यादा छात्रों के एक साथ लॉगिन करने पर वेबसाइट क्रैश न हो। रिजल्ट चेक करने के लिए लाखों छात्रों का लोड संभालने के लिए बोर्ड ने इस बार तीन मुख्य वेबसाइट्स cbse.gov.in, results.cbse.nic.in और cbseresults.nic.in को बैकअप पर रखा है। रिजल्ट के दिन साइट क्रैश होने की स्थिति से बचने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है।